थोड़ी देर बाद मां ने बच्चे को ढूंढना शुरू किया, लेकिन वह नहीं मिला। बच्चे को पड़ोस और खेतों में तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद महिला ने घटना की सूचना स्थानीय लोगों को दी।
लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए और बच्चे को ढूंढने का प्रयास किया। रात करीब नौ बजे बच्चे का शव घर के आंगन में बने पानी के छह फीट गहरे भूमिगत टैंक में मिला। लोगों ने इसकी सूचना अवाहदेवी पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बच्चे की एक बड़ी बहन है। पुलिस चौकी अवाहदेवी के प्रभारी राजेश वर्मा का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मनरेगा और वाटर शेड कार्यों के तहत बनने वाले जल संग्रहण टैंक मौत का कारण बन रहे हैं। छह माह पूर्व भी कुठेड़ा क्षेत्र के एक बच्चे की जल संग्रहण टैंक में डूबने से मौत हो गई थी।
भारतीय सेना में तैनात पिता ने पड़ोसी के खिलाफ पुलिस और उपायुक्त हमीरपुर को शिकायत सौंपी थी। अब रविवार रात को घर के आंगन में बने ऐसे ही टैंक में बच्चे की मौत हो गई ।
हालांकि इस टैंक पर ढक्कन लगा था, लेकिन वह अस्थायी था। बच्चे के टैंक के ढक्कन पर चढ़ने के बाद टीन का ढक्कन झुक गया और बच्चा पानी में गिर गया।