राजा संसार चंद के वर्ष 1740 से 1823 तक के कार्यकाल को कांगड़ा पेंटिंग के लिए स्वर्ण युग माना जाता है। कांगड़ा पेंटिंग के लिए कलाकार खुद ही प्राकृतिक रूप से रंग, ब्रश आदि तैयार करते हैं।
कांगड़ा पेंटिंग की कीमत एक हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक होती है। इस चित्र को बनाने के लिए 10 से 15 दिन और कई बार एक से दो माह भी लग जाते हैं।
माना जा रहा है कि तीन तलाक पर जारी व्हिप के चलते रैली में हिमाचल के चारों सांसदों शांता कुमार, रामस्वरूप, अनुराग ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप नहीं आ पाएंगे, क्योंकि उन्हें संसद में मौजूद रहना होगा। रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेेश को बड़ी सौगात दे सकते हैं। कर्मचारी वर्ग पीएम से काफी आस लगाए बैठा है।