करीब ढाई करोड़ से रिकांगपिओ में बना खेल स्टेडियम पांच माह में ही जवाब दे गया है। इसे अभी खेल विभाग के हवाले भी नहीं किया है। इससे पहले ही स्टेडियम की दीवारें गिरने लग गई हैं। खेल विभाग की ओर से इस बारे में लोक निर्माण विभाग को बताया भी गया है लेकिन अभी तक स्टेडियम की सुध नहीं ली गई है। 2 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से बने इस स्टेडियम का पांच नवंबर 2018 को प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उद्घाटन किया था। अभी तक लोक निर्माण विभाग स्टेडियम को संबंधित विभाग को ट्रांसफर नहीं कर पाया है।
हैरानी है कि पांच माह में ही स्टेडियम की दीवारें जवाब दे गई हैं। इससे निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं। युवाओं को मैदान का लाभ मिलने से पहले ही स्टेडियम की हालत खस्ता हो गई है। स्टेडियम खेल विभाग के हवाले न किए जाने से युवाओं को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. सूर्या प्रकाश बोरस ने कहा कि उद्घाटन को लेकर जल्दबाजी का ही नतीजा है कि आज स्टेडियम गिरने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के उद्घाटन के चक्कर में रात दिन काम करवाया गया। निर्माण की गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा गया है।
जिला खेल अधिकारी गंगा लाल नेगी ने कहा कि स्टेडियम में प्रवेश द्वार और कुछ और काम बचे हैं। जबकि स्टेडियम तैयार है, लेकिन अभी लोक निर्माण विभाग ने स्टेडियम को ट्रांसफर नहीं किया है। स्टेडियम की दीवारें गिरने लगी हैं। जिस बारे लोक निर्माण विभाग को लिखित में अवगत करवाया गया है।
लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र गुलेरिया ने कहा कि स्टेडियम की मरम्मत की जाएगी। संबंधित ठेकेदार को इसकी मरम्मत करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। स्टेडियम की मरम्मत के बाद इसे खेल विभाग के हवाले कर दिया जाएगा। युवाओं को स्टेडियम का लाभ मिलेगा।