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खुशखबरी! 19 हजार लोगों को मिलेंगे सस्ते मकान

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राजधानी शिमला में कामकाज के लिए आने वाले लोगों को सस्ती दरों पर नगर निगम मकान देगा। शहर को स्लम फ्री करने के लिए बुधवार को बचत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए महापौर संजय चौहान ने यह जानकारी दी।
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केंद्र सरकार की राजीव गांधी आवास योजना के तहत नगर निगम मकानों का निर्माण करेगा। शहर के विभिन्न वार्डों में निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा शहर के 46 स्लम क्षेत्रों में 3008 मकान बनाए जाएंगे। झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को यह मकान दिए जाएंगे।

शहर को स्लम फ्री करने के लिए निगम ने विभिन्न क्षेत्रों को चिह्नित किया है। योजना को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार इसके लिए आर्थिक मदद देगी। बुधवार को बचत भवन में हुई बैठक में योजना को फाइनल किया गया।
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पहले चरण में यहां होगा काम

प्रथम चरण में कृष्णानगर के बाद ईदगाह कालोनी की परियोजना का कार्य शुरू किया जाएगा और योजना के तहत साल 2022 तक लगभग 19000 घरों का निर्माण किया जाएगा।

जयपुर की याशी कंसलटेंसी के निदेशक संजय गुप्ता ने बताया कि शहर में 25 वार्ड के 36 कलस्टर में 84 बस्तियों के 3008 परिवार को इस कार्यक्रम के तहत चिह्ति किया है। परियोजना के लिए जमीन का चयन करने के लिए उपमंडलाधिकारी (ग्रामीण) और तहसीलदार ग्रामीण के साथ बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक में नगर निगम के कई पार्षदों सहित अफसर मौजूद रहे।

उधर कृष्णानगर वार्ड में प्रस्तावित 300 मकानों के निर्माण के टेंडर 15 जनवरी 2015 तक कर दिए जाएंगे। महापौर संजय चौहान ने बताया है कि जल्द ही वार्ड को स्लम फ्री करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वार्ड में मकानों के अलावा पार्क, सामुदायिक भवन, क्रैच, जिम, डिस्पेंसरी का निर्माण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि करीब एक साल पहले मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। लेकिन अभी काम शुरू नहीं हो पा रहा है।

कम लागत पर देंगे आधुनिक मकान

महापौर संजय चौहान ने कहा कि शिमला शहर तेजी से बढ़ रहा है। इस बढ़त को देखते हुए शहर का सुनियोजित विकास नहीं हो पा रहा है। पूरे देश की तरह शिमला शहर में भी झुग्गी-झोंपड़ी और कच्ची बस्तियों का विस्तार हुआ है।

इन जगहों पर शहर का सबसे गरीब तबका रह रहा है। इसे मूलभूत सुविधा जैसे पानी, बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इन्हीं सब समस्याओं के मद्देनजर भारत सरकार के राजीव आवास योजना कार्यक्रम के तहत कम लागत के आधुनिक घर मुहैया करवाने की परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है।
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मकान लागत का दस प्रतिशत देना होगा

उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने बताया कि झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को क्रमवार पक्के घर बनाकर दिए जाएंगे। शहर के इन गरीब परिवारों के पास इतना पैसा भी नहीं है कि वह घर खरीदकर या बनाकर रह पाए।

इस योजना में लाभार्थी को मकान के लागत का कुल 10 प्रतिशत देना होगा। यह राशि भारत सरकार की स्कीम के तहत बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर मुहैया किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत किसी भी इलाके में रहने वाले लोगों को वहां से विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्हें वहीं मकान बनाकर दिए जाएंगे।
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