हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के शिचिलिंग स्कूल में बतौर केंद्रीय अध्यापिका तैनात छेरिंग गटुक को आज राज्य शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया। जिला की विपरित भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने गरीब बच्चों की मदद कर ये मुकाम हासिल किया।
जिला के शिचिलिंग में बतौर केंद्रीय अध्यापिका तैनात छेरिंग गटुक स्कूल में नौनिहालों को पढ़ाने के साथ ही नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेने वाले गरीब बच्चों को ट्यूशन देती हैं।
साल 2000 से अब तक करीब 500 बच्चे छेरिंग से ट्यूशन पढ़कर नवोदय स्कूलों में प्रवेश पा चुके हैं। 50 साल की गटुक कहती हैं कि अगर उनके कुछ प्रयासों से बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो जाए तो इससे बड़ी खुशी कुछ और नहीं हो सकती है।