हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में देरी के मामले में हिमाचल प्रदेश के शिक्षा निदेशालय ने चंबा के संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। निदेशालय की ओर से जारी नोटिस में अधिकारियों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और निर्धारित तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन मामलों से जुड़ा है प्रकरण
नोटिस में रोशन लाल, प्रवक्ता, गणेश दत्त (शास्त्री) और उत्तम चंद, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक से जुड़े हाईकोर्ट के मामलों का उल्लेख किया गया है। इन मामलों में याचिकाकर्ताओं को मौद्रिक लाभ जारी करने से संबंधित निर्देशों की अनुपालना का विषय सामने आया था। शिक्षा निदेशालय के अनुसार, फरवरी 2025 में चंबा के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को हाईकोर्ट के आदेशों को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद संबंधित प्रधानाचार्यों को भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बजट की मांग भेजी, लेकिन मामला निदेशालय तक नहीं पहुंचा
नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना के लिए संबंधित प्रधानाचार्यों ने चंबा के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के समक्ष बजट की मांग प्रस्तुत की थी। इसके बावजूद निर्धारित समय के भीतर संबंधित मामला या बजट की मांग शिक्षा निदेशालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। निदेशालय ने इसे हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में कमी और उच्च अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन न किए जाने के रूप में गंभीरता से लिया है।
संबंधित अधिकारियों से मांगा गया लिखित स्पष्टीकरण
निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि आदेशों की अनुपालना में देरी क्यों हुई। अधिकारियों को अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करने के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में इस मामले को गंभीर कदाचार के रूप में देखा गया है, विशेष रूप से मामले में हुई देरी को लेकर। हालांकि, वर्तमान में अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, इसलिए इसे अंतिम कार्रवाई या दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं माना जा सकता।
25 सितंबर को सुबह 10 बजे होगी पेशी
शिक्षा निदेशालय के नोटिस के अनुसार, संबंधित अधिकारी/अधिकारीगण को 25 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे शिक्षा निदेशक के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। उन्हें अपने साथ लिखित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करना होगा। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित अधिकारी निर्धारित समय पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो यह माना जा सकता है कि उनके पास अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है। ऐसी स्थिति में संबंधित नियमों के तहत प्रशासनिक विभाग को आगे की कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
अब अधिकारियों के जवाब पर रहेगी नजर
फिलहाल शिक्षा निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। 25 सितंबर को होने वाली पेशी और लिखित स्पष्टीकरण के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। नोटिस की प्रति चंबा के माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशक को भी भेजी गई है, ताकि संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी दी जा सके और निर्धारित समय पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। दस्तावेज पर शिक्षा निदेशालय की 24 सितंबर 2026 की मुहर भी दर्ज है।