फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: जिला उपभोक्ता आयोगों के पुनर्गठन को चुनौती, राज्य सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस

Wed, 24 Dec 2025 12:06 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

हाईकोर्ट ने प्रदेश के जिला उपभोक्ता आयोगों के पुनर्गठन (री ग्रुपिंग) के संबंध में जारी राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर संज्ञान लिया है। 
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के जिला उपभोक्ता आयोगों के पुनर्गठन (री ग्रुपिंग) के संबंध में जारी राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं। खंडपीठ ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई 17 मार्च, 2026 को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि 29 नवंबर 2023 को जारी अधिसूचना के माध्यम से जिला आयोगों का पुनर्गठन किया गया है, जो तर्कसंगत नहीं है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से पारित कॉमन कॉज बनाम भारत संघ (1993) मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 28 का हवाला देते हुए इस पुनर्गठन की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में यदि किसी उपभोक्ता को छोटी सी शिकायत के लिए अपने जिले से दूसरे जिले जैसे लाहौल-स्पीति से कुल्लू या किन्नौर से शिमला जाना पड़े तो यह उसके लिए आर्थिक और शारीरिक रूप से बोझ बन जाता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 28 स्पष्ट कहती है कि प्रत्येक जिले में एक स्वतंत्र आयोग होना चाहिए। अधिसूचना के माध्यम से आयोगों को क्लब या री-ग्रुप करना इस कानूनी प्रावधान की भावना के विपरीत है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब कानून हर जिले में आयोग की बात करता है, तो सरकार उसे प्रशासनिक आदेश से सीमित नहीं कर सकती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें