इस बार दिवाली पर भारत में निर्मित पटाखों को ही बेचने के लिए केंद्र ने प्रदेश सरकार को गाइडलाइंस भेजी हैं। इस पर प्रदेश सरकार ने सहमति जताई है और हिमाचल में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार बाजारों में केवल भारतीय पटाखे ही बेचे जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक हिमाचल के संवेदनशील शक्तिपीठों और प्रदेश के अन्य जिलों के लिए जारी गाइडलाइंस में कहा है कि अवैध रूप से चाइनीज पटाखे भारत में आ सकते हैं और उन्हें बेचा जा सकता है। ऐसे में भारत में केवल निर्मित पटाखों को ही बेचने के लिए 84 विस्फोटक नियम-2008 के मुताबिक अस्थायी तौर पर लाइसेंस जारी करने के लिए जिला उपायुक्तों को प्राधिकृत किया है।
सभी जिला, उपमंडलों में ये निर्देश दिए हैं कि भारत में निर्मित होने वाले पटाखे बेचने वालों को ही अस्थायी तौर पर लाइसेंस जारी किए जाने चाहिए। ऐसा पहली बार है कि केंद्र से राज्यों को विशेष रूप से दिवाली से पहले आगाह किया जा रहा है। इसे जन हित से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
भारत में निर्मित पटाखों में प्रत्येक नियम का पूरी तरह पालन किया जाता है। कांगड़ा के प्रसिद्ध शक्तिपीठों बज्रेश्वरी, चामुंडा, ज्वालाजी में भी दिवाली पर एहतियातन इसे सुरक्षा की दृष्टि से सरकार का अहम कदम माना जा रहा है।
उपमंडलाधिकारी (ना) संजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार से उन्हें जो आदेश मिले हैं, उन्हें पूर्णतया अमल में लाया जाएगा। भारत में निर्मित पटाखे बेचने को ही अस्थायी तौर पर दिवाली के लिए अधिकृत किया जाएगा। यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।