मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने हिमाचल प्रदेश को बड़ी राहत दी है। शुक्रवार देर शाम एमसीआई ने सूबे के दोनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों आईजीएमसी और टीएमसी की एमबीबीएस सीटें बहाल करने की संस्तुति केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को कर दी। दोनों ही कॉलेजों में अब 100-100 सीटें रहेंगी।
दिल्ली में 12 जुलाई को हुई बैठक में एमसीआई ने प्रदेश के दोनों कॉलेजों में की सीटें बहाल करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों ने शनिवार को एमसीआई की ओर से सीटें बहाल करने की सूचना प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) विनीत चौधरी को दी।
क्या था पूरा मामला
एमसीआई की टीम ने मई में शिमला के आईजीएमसी और टांडा स्थित डा. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान कई खामियां पाई थीं। खामियों के आधार पर टीम ने आईजीएमसी में एमबीबीएस की सीटें 100 से घटाकर 65 और टीएमसी में 100 से 50 सीटें करने की संस्तुति की थी।
इससे पीएमटी परीक्षा पास करने वाले छात्रों के सामने संकट खड़ा हो गया था। सरकार ने 200 सीटों पर काउंसलिंग करा दी थी। इसी बीच, सीटें बहाल करने के लिए मुख्य सचिव पी मित्रा ने मंत्रालय को अंडरटेकिंग दी थी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर दोनों मेडिकल कॉलेजों की खामियां दूर करने का आश्वासन दिया था।
छात्रों को मिलेंगे अब प्रवेश पत्र
एमबीबीएस की इन बढ़ी सीटों के लिए काउंसिल पहले ही हो चुकी है। इन छात्रों को हिमाचल विवि प्रवेश पत्र जारी करेगा ताकि ये संबंधित मेडिकल कालेज में दाखिला ले सकें। विवि परीक्षा नियंत्रक प्रो.एसएल कौशल ने बताया कि विभाग का ओदेश आने पर तत्काल प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
उधर अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने कहा कि जिन छात्रों की काउंसिलंग हो चुकी है उनके एडमिशन की प्रक्रिया 20 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी।
हिमाचल सरकार के अनुरोध को एमसीआई ने स्वीकार कर लिया है। इसके बाद अब प्रदेश के दोनों मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएम की 100-100 सीटों पर एडमिशन हो सकेगा।
- वीरभद्र सिंह, मुख्यमंत्री हिमाचल