भारत सरकार ने कैंपा के तहत राज्य के लिए 1660 करोड़ की लंबित धनराशि जारी कर दी है। इसे प्रदेश में विभिन्न वानिकी गतिविधियों में व्यय किया जाएगा। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने धनराशि जारी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का आभार जताया है।
इससे पूर्व गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावेड़कर की अध्यक्षता में आयोजित वन मंत्रियों के सम्मेलन में गोविंद ठाकुर ने कैंपा और वन विभाग से संबंधित प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों को उठाया।
उन्होंने प्रदेश को फारेस्ट क्लीयरेंस एक्ट 1980 के तहत विकास परियोजनाओं को त्वरित स्वीकृतियां देने के उद्देश्य से प्रदेश को क्षेत्रीय वन कार्यालय देहरादून की बजाय केंद्रीय वानिकी एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के अंतर्गत लाने का आग्रह किया।
वन मंत्री ने विकास की गति को बढ़ावा देने के लिए एफसीए 1980 के अंतर्गत प्रदेश सरकार को एक हेक्टेयर के स्थान पर पांच हेक्टेयर सीमा तक विकास परियोजनाओं के लिए वन मंजूरी देने का आग्रह किया।
उन्होंने सम्मेलन के दौरान कैंपा से संबंधित विभिन्न मुद्दों को भी उठाया और सीएएफ अधिनियम 2016 और सीएएफ नियम 2018 के तहत परिकल्पित राष्ट्रीय प्राधिकरण से निधि के हस्तांतरण की मांग की।
साथ ही राज्य कैम्पा निधि के तहत पैसा खर्च करने के लिए लेखांकन प्रक्रिया के सरलीकरण और ट्रेजरी मोड के स्थान पर पुरानी प्रणाली बहाल करने का आग्रह किया।