केंद्र सरकार ने मनरेगा में हिमाचल को 51.33 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस राशि को प्रदेश के 18 विकास कार्यों में खर्च किया जा सकेगा। वर्ष 2018-19 वित्तीय वर्ष की यह आखिरी किस्त होगी। राशि जारी करने के साथ साथ केंद्र सरकार ने इस पैसे को समय पर खर्च करने के निर्देश दिए हैं।
विकास कार्यों के लिए 75 फीसदी राशि केंद्र सरकार जबकि 25 फीसदी राशि स्टेट को व्यय करनी होगी। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास डिप्टी सेक्रेटरी एके सुम्बले की ओर से प्रदेश सरकार को यह पत्र भेजा गया है।
यह राशि जिला परिषद, बीडीसी को छोड़कर सीधे पंचायतों को जाएगी। इस राशि से पंचायतों में सड़कों का निर्माण, पब्लिक पॉथ, शौचालय का निर्माण, मोक्ष धाम, वर्षा शालिकाओं, नहरों का निर्माण, खेतों का संरक्षण, टैंकों आदि के निर्माण पर खर्च किया जाएगा।
हिमाचल में ऐसी कई पंचायतें है जिन्होंने अभी पुराना पैसा भी खर्च नहीं किया है। पंचायतों के पास अभी तक यह राशि लंबित पड़ी है। इसका कारण यह है कि विकास कार्यों को कराने के लिए लोगों की जमीनें आ रही है, कई लोग निर्माण कार्यों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने को तैयार नहीं है जबकि कई पंचायतें ऐसी भी है जहां पंचायत प्रधान विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं।