मंच पर स्थानीय नेता के आने से नाराज हुए ट्रक ऑपरेटर
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दाड़लाघाट में ट्रक ऑपरेटरों के धरने को राजनीति रूप देने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुरुवार को धरने के दौरान मंच पर एक स्थानीय नेता को बुलाने पर कुछ ऑपरेटर नाराज हो गए। इससे ट्रांसपोटर्स अलग-अलग धड़ों में बंट गए। करीब 20 मिनट तक धरने में ट्रांसपोटर एक-दूसरे पर बरसने लगे। कुछ ऑपरेटर यह कहते नजर आए कि उनके मंच को राजनीति रंग न दिया जाए। इसको सिर्फ ट्रांसपोटरों का आंदोलन ही रहने दिया जाए। इस दौरान कुछ ऑपरेटर धरना छोड़कर भी चले गए। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में किसी भी तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि इस दौरान पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।
बीच-बचाव करते हुए कुछ पदाधिकारियों व पुलिस ने मामला शांत करवाया। इसके तुरंत बाद संघर्ष कमेटी की एक आपातकालीन बैठक बाघल लैंडलूजर परिवहन सभा के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में सभी आठ सभाओं के ट्रक ऑपरेटरों ने भाग लिया। बीडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर ने आरोप लगाया कि धरने को जो भी राजनीतिक मंच दिया गया उसका मकसद यह था कि सरकार और ट्रांसपोटरों के बीच जो बात चल रही है उसमें गतिरोध पैदा किया जा सके। जबकि कोर कमेटी का फैसला था कि सरकार के फैसले आने तक किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को नहीं बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब महापंचायत के बाद ही निर्णय होगा।
नहीं बुलाएंगे किसी राजनीतिक व्यक्ति को
बाघल लैंडलूजर के पूर्व प्रधान राम कृष्ण शर्मा ने कहा कि बैठक में सभी सभाओं के ट्रक ऑपरेटरों ने एकमत होकर फैसला लिया कि सभी सभाओं से 11-11 सदस्य कोर कमेटी से मनोनीत किया जाए। साथ ही जो भी फैसला होगा वो कोर कमेटी करेगी वही सर्वमान्य होगा। उन्होंने ऐतराज जताया कि इस आंदोलन को कुछ लोग हाइजेक करने की कोशिश कर रहे हैं व पार्टी विशेष के सदस्यों को इसमें लाकर हस्तक्षेप करने की तैयारी में है। जबकि ट्रांसपोटर 8 जनवरी तक किसी भी राजनीतिक सदस्य को इसमें शामिल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कल फैसला लिया कि आगामी आदेशों व महापंचायत के बाद ही हम किसी राजनीतिक विशेष को बुलाएंगे। कहा कि कंपनी यदि स्थानीय लोगों का रोजगार छीनने की कोशिश करेगी तो ट्रक ऑपरेटर भी एकजुट होकर अपने हकों की लड़ाई लड़ेंगे। एसडीटीओ के प्रधान जयदेव कौंडल, कोषाध्यक्ष रामकृष्ण बंसल, निदेशक रमेश ठाकुर, एडीकेएम ट्रांसपोर्ट सोसाइटी से हेमराज, बंटू शुक्ला, माइनिंग एरिया सभा से परस राम, सैनिक परिवहन से रोशन ठाकुर सहित विभिन्न सभाओं के ट्रक ऑपरेटर मौजूद रहे।
सभी भी को एकजुट होना पड़ेगा: राजेंद्र ठाकुर
उधर, इस बारे में स्थानीय नेता और अर्की से पूर्व प्रत्याशी राजेंद्र ठाकुर ने मीडिया में दिए बयान में कहा कि वह धरने में आना नहीं चाहते थे, लेकिन उन्हें यहां पर मंच पर आने का न्योता दिया गया। उन्होंने कहा कि वह 1998 से 2000 तक ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान रह चुके हैं। उन्हें पता है कि अंबुजा कंपनी बिना आंदोलन के नहीं मानेगी। पहले भी कई आंदोलन हो चुके हैं। इसके लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा।