फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cement plants Issue: ट्रक ऑपरेटरों ने स्वारघाट में निकाली रोष रैली, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Thu, 05 Jan 2023 08:57 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, स्वारघाट/घुमारवीं (बिलासपुर)/दाड़लाघाट(सोलन)

सार

आक्रोशित ट्रक ऑपरेटरों ने वीरवार को स्वारघाट में रोष रैली निकाली। रैली में किरतपुर ट्रक यूनियन का भी साथ मिला। रैली के बाद एसडीएम स्वारघाट को ज्ञापन सौंपकर सरकार से सीमेंट प्लांट को जल्द शुरू करवाने की मांग की गई। 
विज्ञापन
ट्रक ऑपरेटरों ने स्वारघाट में निकाली रोष रैली - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अदाणी समूह के रवैये से आक्रोशित ट्रक ऑपरेटरों ने वीरवार को स्वारघाट में रोष रैली निकाली। रैली में किरतपुर ट्रक यूनियन का भी साथ मिला। रैली के बाद एसडीएम स्वारघाट को ज्ञापन सौंपकर सरकार से सीमेंट प्लांट को जल्द शुरू करवाने की मांग की गई। कहा कि विवाद न सुलझा तो ट्रक ऑपरेटर बड़ा आंदोलन करेंगे।  रोष रैली में बीडीटीएस के वार्ड श्री नयनादेवी, तनबौल, छड़ोल, कल्लर और जबली के सैकड़ों ट्रक ऑपरेटर शामिल हुए। स्वारघाट बाजार से शुरू हुई रैली एसडीएम कार्यालय में खत्म हुई। रैली में ट्रक ऑपरेटरों ने जमकर नारेबाजी भी की।

विज्ञापन


बीडीटीएस के चेयरमैन लेख राम वर्मा, बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर, सदस्य विजय शर्मा ने कहा कि एसीसी बरमाणा और दाड़लाघाट का अंबुजा सीमेंट प्लांट बंद होने से हजारों ट्रक ऑपरेटरों के साथ-साथ ढाबा, मेकेनिक, स्पेयर पार्ट आदि का कारोबार ठप हो चुका है। हजारों लोगों को रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। बैंकों की किस्त देना भी मुश्किल हो गया है। अभी वार्ता सरकार से चल रही है, जिसका परिणाम 8 जनवरी को आ जाएगा। यदि परिणाम सार्थक रहा तो सरकार का धन्यवाद करेंगे अन्यथा सभी ट्रक ऑपरेटर एक बड़े जन आंदोलन के लिए भी तैयार हैं। वहीं, ट्रक ऑपरेटरों ने अदाणी का पुतला बनाकर उसे पूरे घंडालवीं (लदरौर) बाजार में घुमाया। उसके बाद पुतले को जला दिया। इस दौरान अदाणी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।

विज्ञापन

मंच पर स्थानीय नेता के आने से नाराज हुए ट्रक ऑपरेटर

मंच पर स्थानीय नेता के आने से नाराज हुए ट्रक ऑपरेटर - फोटो : संवाद
दाड़लाघाट में ट्रक ऑपरेटरों के धरने को राजनीति रूप देने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुरुवार को धरने के दौरान मंच पर एक स्थानीय नेता को बुलाने पर कुछ ऑपरेटर नाराज हो गए। इससे ट्रांसपोटर्स अलग-अलग धड़ों में बंट गए।  करीब 20 मिनट तक धरने में ट्रांसपोटर एक-दूसरे पर बरसने लगे। कुछ ऑपरेटर यह कहते नजर आए कि उनके मंच को राजनीति रंग न दिया जाए। इसको सिर्फ ट्रांसपोटरों का आंदोलन ही रहने दिया जाए। इस दौरान कुछ ऑपरेटर धरना छोड़कर भी चले गए। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में किसी भी तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि इस दौरान पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।

बीच-बचाव करते हुए कुछ  पदाधिकारियों व पुलिस ने मामला शांत करवाया। इसके तुरंत बाद संघर्ष कमेटी की एक आपातकालीन बैठक बाघल लैंडलूजर परिवहन सभा के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में सभी आठ सभाओं के ट्रक ऑपरेटरों ने भाग लिया। बीडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर ने आरोप लगाया कि धरने को जो भी राजनीतिक मंच दिया गया उसका मकसद यह था कि सरकार और ट्रांसपोटरों के बीच जो बात चल रही है उसमें गतिरोध पैदा किया जा सके। जबकि कोर कमेटी का फैसला था कि सरकार के फैसले आने तक किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को नहीं बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब महापंचायत के बाद ही निर्णय होगा।

नहीं बुलाएंगे किसी राजनीतिक व्यक्ति को  
बाघल लैंडलूजर के पूर्व प्रधान राम कृष्ण शर्मा ने कहा कि बैठक में सभी सभाओं के ट्रक ऑपरेटरों ने एकमत होकर फैसला लिया कि सभी सभाओं से 11-11 सदस्य कोर कमेटी से मनोनीत किया जाए। साथ ही जो भी फैसला होगा वो कोर कमेटी करेगी वही सर्वमान्य होगा। उन्होंने ऐतराज जताया कि इस आंदोलन को कुछ लोग हाइजेक करने की कोशिश कर रहे हैं व पार्टी विशेष के सदस्यों को इसमें लाकर हस्तक्षेप करने की तैयारी में है। जबकि ट्रांसपोटर 8 जनवरी तक किसी भी राजनीतिक सदस्य को इसमें शामिल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कल फैसला लिया कि आगामी आदेशों व महापंचायत के बाद ही हम किसी राजनीतिक विशेष को बुलाएंगे। कहा कि कंपनी यदि स्थानीय लोगों का रोजगार छीनने की कोशिश करेगी तो ट्रक ऑपरेटर भी एकजुट होकर अपने हकों की लड़ाई लड़ेंगे। एसडीटीओ के प्रधान जयदेव कौंडल, कोषाध्यक्ष रामकृष्ण बंसल, निदेशक रमेश ठाकुर, एडीकेएम ट्रांसपोर्ट सोसाइटी से हेमराज, बंटू शुक्ला, माइनिंग एरिया सभा से परस राम, सैनिक परिवहन से रोशन ठाकुर सहित विभिन्न सभाओं के ट्रक ऑपरेटर मौजूद रहे।

सभी भी को एकजुट होना पड़ेगा:  राजेंद्र ठाकुर
 उधर, इस बारे में स्थानीय नेता और अर्की से पूर्व प्रत्याशी राजेंद्र ठाकुर ने मीडिया में दिए बयान में कहा कि वह धरने में आना नहीं चाहते थे, लेकिन उन्हें यहां पर मंच पर आने का न्योता दिया गया। उन्होंने कहा कि वह 1998 से 2000 तक ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान रह चुके हैं। उन्हें पता है कि अंबुजा कंपनी बिना आंदोलन के नहीं मानेगी। पहले भी कई आंदोलन हो चुके हैं। इसके लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें