दाड़लाघाट में ट्रक ऑपरेटरों और कंपनी के बीच गतिरोध 20वें दिन भी जारी रहा। सभी ट्रांसपोर्ट सोसायटियों के सैकड़ों ऑपरेटरों ने अंबुजा सीमेंट प्लांट के मुख्यद्वार से बस स्टैंड और स्यार से होते हुए अंबुजा चौक तक आक्रोश रैली निकाली। ऑपरेटरों ने अंबुजा चौक पर लगभग दो घंटे तक कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।
ऑपरेटरों ने कहा कि शीतकालीन सत्र के बाद होने वाली बैठक का इंतजार रहेगा। अगर बैठक में कोई हल नहीं होता है तो ऑपरेटर अपने परिवार के सदस्यों और चालकों के साथ चक्का जाम करेंगे। दाड़लाघाटर में तंबू भी गाड़े जाएंगे। अगर मुद्दे को लेकर जल्दी कोई कदम नहीं उठाए तो उग्र आंदोलन करेंगे। ऑपरेटरों ने सरकार से जल्द गतिरोध को खत्म करने की मांग की है।
उधर, शिमला में सोमवार को सरकार की ओर से गठित सब कमेटी की बैठक थी, लेकिन यह बेनतीजा रही। अगली बैठक शीतकालीन सत्र के बाद होगी। ऑपरेटरों का कहना है कि सब कमेटी की बैठक से कुछ उम्मीद थी, लेकिन 10 मिनट में बैठक खत्म कर दी गई। कहा कि ट्रक ऑपरेटर यूनियन और अंबुजा सीमेंट प्लांट प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
ट्रक यूनियन नालागढ़ के ट्रक संचालक अपनी गाड़ियां हिमाचल में भेजने से कतराने लगे हैं। हाल ही में बिलासपुर के समीप हड़ताल कर रहे कर्मियों की ओर से चालकों को पीटा गया। उनके ट्रकों में सीमेंट पर पानी डाल दिया गया। इससे चार से पांच लाख रुपये प्रति ट्रक नुकसान हुआ है। सीमेंट कंपनी ने नुकसान की भरपाई करने के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे यूनियन को ही इसकी भरपाई करनी पड़ेगी।
ट्रक यूनियन नालागढ़ के करीब 500 ट्रक प्रतिदिन सीमेंट लेकर जाते हैं। इनमें 100 ट्रक हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में जाते हैं, लेकिन पिछले दिनों हुई घटना के बाद ट्रक चालक और संचालक हिमाचल के ऊपरी क्षेत्र में जाने से कतराने लगे हैं।
बिलासपुर में आंदोलनकारियों ने 14 ट्रकों में पानी डाल दिया। कुछ बैग फाड़ दिए गए। पुलिस पर भी सुरक्षा नहीं देने का आरोप है। किसी तरह चालक ट्रक लेकर नालागढ़ आए, लेकिन पानी डाला हुआ सीमेंट खराब हो गया है। अब कंपनी भी इसे लेने से इनकार कर रही है।
ट्रक संचालक कृष्ण कुमार कौशल ने बताया कि अगर सीमेंट को सरकारी कामों पर ले जाना है तो ट्रक संचालकों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। यूनियन के काफी ट्रक को नुकसान हुआ है, जिसका खामियाजा ट्रक संचालकों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार इस मामले को जल्द निपटाए।
उधर, नालागढ़ ट्रक यूनियन के कोषाध्यक्ष वीर सिंह चंदेल ने बताया कि यूनियन ने किसी भी गाड़ी को कहीं भी जाने से नहीं रोका है, लेकिन ट्रक संचालकों के साथ हुई मारपीट और सीमेंट खराब करने के बाद कोई भी ट्रक चालक पहाड़ी क्षेत्र में जाने से डर रहे हैं।