इसी बीच दूसरा शूटर सामने की ओर से आया और उसने भी जमीन पर गिरी हुई मनीषा पर गोलियां चलाईं। शूटरों ने इस तरह से वारदात को अंजाम दिया कि मनीषा के पास भागने तक मौका नहीं मिला। नौ सेकंड के इस वीडियो में हमले से ठीक पहले एक दोपहिया वाहन भी सड़क से गुजरता दिखाई दे रहा है। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर नीचे की ओर भाग गए। पुलिस ने मामला सामने आने के बाद हरियाणा के रोहतक से दो शूटरों को गिरफ्तार किया था जिनकी पहचान आशीष अहलावत (22) निवासी ग्राम दुजाना, जिला झज्जर, हरियाणा और दीपक (25) निवासी सुनारिया खुर्द, तहसील एवं जिला रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई है।
उधर, मनीषा मित्तल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। 13 जून जिस दिन स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या की गई ठीक उसी दिन स्कूल प्रबंधन समिति का कार्यकाल भी पूरा हुआ था। अब यह संयोग है या भी कोई सोची समझी साजिश, इसका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है। अभिभावकों की मांग के बाद जिला प्रशासन ने इस स्कूल को अपने नियंत्रण में लिया है। प्रशासन ने भी अब स्कूल के दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। स्कूल प्रबंधन से जिला प्रशासन को कुछ अहम सूचनाएं भी मिली हैं। इस स्कूल को चलाने के लिए एक संचालन समिति गठित थी। 14 जून 2023 को गठित इस समिति के चेयरमैन हिमांक मित्तल थे। इसका तीन साल का कार्यकाल 13 जून 2026 को ही पूरा हुआ था।
ठीक इसी दिन संचालिका मनीषा मित्तल की दो शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मनीषा के भाई एवं समिति के चेयरमैन रहे हिमांक मित्तल दावा कर रहे हैं कि उनका इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। इनका कहना है कि उन पर भी हमला हुआ है। उधर, पुलिस भी अभी हत्या के कारणों की जांच कर रही है। इसके लिए गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ हो रही है। इस हत्याकांड के पीछे कौन है, इसे जानने के लिए सबकी नजरें पुलिस पर टिकी हैं। जिला प्रशासन ने भी अब स्कूल का पूरा रिकॉर्ड तीन दिन में सौंपने के आदेश दिए हैं। ऐसे में इन रिकॉर्ड की जांच में भी कई खुलासे हो सकते हैं। स्कूल में संचालन समिति की नई कार्यकारिणी का गठन होना है। यह गठन अगले छह महीने के भीतर किया जाना है। इसका जिम्मा प्रशासक को दिया गया है।
अदालत ने दोनों को सात दिन की रिमांड पर भेजा है। पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है कि लेकिन अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिरकार मनीषा की हत्या के पीछे कौन है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी पुलिस को बार-बार बयान बदलकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मामले को मनीषा के भाई के साथ चल रहे संपत्ति विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है लेकिन उनके भाई ने साफ कहा है कि उनका इस हत्या से कोई लेना-देना नहीं है और उन पर भी एक जून को हमला हो चुका है। इस वजह से लंबे समय से वह घर पर ही हैं। ऐसे में अब सवाल उठता है कि आखिरकार मनीषा कि किससे ऐसी दुश्मनी थी कि जिसकी सजा उन्हें अपनी जिंदगी से चुकानी पड़ी। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।