बहुचर्चित फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत मामले में सीबीआई न तो हत्या का केस बना पाई और न ही उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के सबूत मिल पाए हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में अपने हाथ खड़ेे कर दिए हैं। अब केस को बंद करने की तैयारी हो गई है। सीबीआई की शिमला शाखा ने क्लोजर रिपोर्ट बनाने के लिए सीबीआई निदेशालय को पत्र लिख दिया है। क्लोजर रिपोर्ट बनाकर इसे कोर्ट में पेश करने के लिए मंजूरी मांगी गई है।
साल 2017 में मंडी जिले के करसोग की सेरी कंताड़ा बीट में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाश पेड़ से उल्टी लटकी मिली थी। हिमाचल पुलिस ने पहले आत्महत्या का मामला दर्ज किया, लेकिन लोगों के विरोध के बाद इसे हत्या में बदल कर दिया। लोगों के सड़कों के उतरने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी। लेकिन लोग सीआईडी की जांच से भी संतुष्ट नहीं हुए।
इसके बाद हिमाचल हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने को कहा। यह केस सीबीआई की शिमला शाखा में दर्ज किया गया। लेकिन लंबी जांच के बाद भी सीबीआई इस मामले में न तो किसी को गिरफ्तार कर सकी और न ही उसे हत्या के कोई सबूत मिले। पिछले दिनों सीबीआई ने जांच पर एक फाइल बनाकर लीगल स्क्रूटिनी को भेज दी है। इस स्क्रूटिनी के बाद इस मामले की छानबीन की अगली दिशा तय होगी।
अवैध कटान करने वालों पर ही चलेगा मुकदमा
इस मामले की सीबीआई जांच में बताए गए जंगल में अवैध कटान करने की बात पुष्ट हो गई है। सीबीआई को इसके सबूत भी मिले हैं। अब अवैध कटान करने के आरोप में ही मुकदमा चलेगा।