अपने तीन ठिकानों पर सर्च रेड के बाद सीबीआई पूछताछ में शामिल हुए अरविंद राज्टा ने कहा कि ढली की हिमगिरि कॉलोनी का फ्लैट उसने भाई के साथ मिलकर लिया है। बाकी भट्टाकुफर का मकान उसका नहीं, उसके भाई और अन्य संबंधियों का है। कलबोग में उसके पास सेब का बगीचा है।
जो पैसा उसके दो बैंक खातों में जमा है, उतना वह अपनी नौकरी और सेब की फसल से एकत्र किया है। उसका गांव का मकान भी उसकी पैतृक संपत्ति ही है। सीबीआई राज्टा के इस बयान के बाद उसके बैंक लेनदेन के पूरे इतिहास को खंगाल रही है। यही नहीं, उसके रिश्तेदारों के खातों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है कि उनमें छात्रवृत्ति घोटाले की अवधि के दौरान कोई लेनदेन तो नहीं हुआ।