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राज्टा ने लपेटे निजी शिक्षण संस्थान, कहा- इनसे एफिडेविट लेकर जारी की छात्रवृत्ति

Sun, 22 Sep 2019 11:28 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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scholarship scam in himachal
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सीबीआई पूछताछ में शिक्षा विभाग में अधीक्षक अरविंद राज्टा ने निजी शिक्षण संस्थानों को लपेटा है। राज्टा ने सीबीआई को बयान दिया है कि दस्तावेजों से छेड़खानी खुद निजी संस्थानों ने की है। इन संस्थानों से तो शिक्षा विभाग ने पहले ही एफिडेविट ले लिए थे। राज्टा ने खुद की भूमिका एक डाकिए से ज्यादा की नहीं बताई है।  

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घपले की अवधि के दौरान स्कॉलरशिप शाखा में वरिष्ठ सहायक नियुक्त रहे शिक्षा विभाग के अधीक्षक अरविंद राज्टा ने सीबीआई पूछताछ में किसी भी तरह की अनियमितताओं के लिए निजी शिक्षण संस्थानों को जिम्मेवार बताया है। सूत्रों के अनुसार राज्टा ने सीबीआई को बताया कि इन संस्थानों से बाकायदा हलफनामे लिए गए तो ऐसे में अगर गलत प्रमाणपत्र पेश किए गए हैं और इन्होंने बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं बांटी है तो इसके लिए कानूनन ये संस्थान ही जिम्मेवार हैं।

सीबीआई की मानें तो वह खुद को बेकसूर बताते हुए इसके लिए निदेशालय और शिक्षण संस्थानों के पूरे ढांचे की खामियों को ही जिम्मेवार ठहरा रहा है। राज्टा ने सीबीआई को बताया है कि वह तो सबसे छोटा कर्मचारी रहा है, बजट जारी करने के आदेश वह नहीं, बल्कि डीडीओ और अन्य उच्च अधिकारी करते थे। ऐसे में सीबीआई के राडार पर शिक्षा महकमे के कई उच्च अधिकारी आ गए हैं। राज्टा के घरों पर सीबीआई ने छापामारी भी की है।

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फ्लैट भाई की मदद से लिया, भट्टाकुफर वाला मकान उसके पास नहीं

अपने तीन ठिकानों पर सर्च रेड के बाद सीबीआई पूछताछ में शामिल हुए अरविंद राज्टा ने कहा कि ढली की हिमगिरि कॉलोनी का फ्लैट उसने भाई के साथ मिलकर लिया है। बाकी भट्टाकुफर का मकान उसका नहीं, उसके भाई और अन्य संबंधियों का है। कलबोग में उसके पास सेब का बगीचा है।

जो पैसा उसके दो बैंक खातों में जमा है, उतना वह अपनी नौकरी और सेब की फसल से एकत्र किया है। उसका गांव का मकान भी उसकी पैतृक संपत्ति ही है। सीबीआई राज्टा के इस बयान के बाद उसके बैंक लेनदेन के पूरे इतिहास को खंगाल रही है। यही नहीं, उसके रिश्तेदारों के खातों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है कि उनमें छात्रवृत्ति घोटाले की अवधि के दौरान कोई लेनदेन तो नहीं हुआ। 
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