हिमाचल में चीफ सेक्रेटरी पद पर दो सीनियर आईएएस की अनदेखी कर जूनियर को प्रमोट करने के मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। एसीएस दीपक सानन और विनीत चौधरी ने मुख्य सचिव पद पर अपने से जूनियर वीसी फारका की नियुक्ति को चुनौती दी थी।
इस पर वीरवार को चंडीगढ़ केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने याचिका पर प्रतिवादी पक्ष से यूनियन ऑफ इंडिया को सेक्रेटरी के जरिए, चीफ सेक्रेटरी हिमाचल सरकार और दीपक सानन, विनीत चौधरी और उपमा चौधरी को 20 जनवरी को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता 1982 बैच के आईएएस विनीत चौधरी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वह वर्तमान में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तौर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग देख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल 31 मई को चीफ सेक्रेटरी के उस आदेश को खारिज करने की अपील की है जिसमें वीसी फारका को पदोन्नत कर चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है।
उनके अनुसार फारका उनसे जूनियर हैं और बिना सिविल सर्विसेज बोर्ड व सीनियर अधिकारियों की अनुमति के उन्हें पदोन्नति दी गई है। यह आईएएस कैडर रूल्स, 1954 का उल्लंघन भी है। वहीं आईएएस दीपक सानन ने भी उनकी सीनियोरिटी की अनदेखी करने के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की है।
उन्होंने खुद से जूनियर आईएएस की प्रमोशन को चैलेंज करते हुए इसे खारिज करने की मांग की है। वीरवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी पक्ष को 20 जनवरी के लिए नोटिस जारी किया है। साथ ही उस दिन जवाब दाखिल करने को कहा है।