रोहड़ू में वर्ष 2023 में हुआ था मारपीट का मामला
बिच्छू बूटी और मिर्ची डालने के भी लगे थे आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। रोहड़ू क्षेत्र में नाबालिग की पिटाई, नग्न करने और वीडियो वायरल करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) ने फैसला सुना दिया है।
अदालत ने इस मामले में पॉक्सो और जेजे एक्ट की गंभीर धाराएं हटाते हुए मुख्य आरोपी को केवल मारपीट का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे हिरासत में बिताए 20 दिन की अवधि और एक रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं मामले में नामजद उसके पिता, दो दुकानदारों और वीडियो वायरल करने के आरोपी तीन अन्य लोगों समेत छह आरोपियों को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है।
यह मामला 31 जुलाई 2023 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार सेब के बगीचे में काम करने वाले एक नेपाली मूल के मजदूर के दो बेटे दुकानों से खाने-पीने का सामान चुराते पकड़े थे। आरोप लगाया गया था कि दुकानदारों ने 15 वर्षीय किशोर को पकड़कर पीटा, उस पर बिच्छू बूटी रगड़ी, आंखों में मिर्च डाली, नग्न किया और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 3 अगस्त 2023 को रोहड़ू थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि घटना के समय पीड़ित नाबालिग था। स्कूल रिकॉर्ड में जन्मतिथि 28 अक्तूबर 2009 दर्ज थी लेकिन यह केवल पिता के एक गैर-सत्यापित शपथ पत्र पर आधारित थी। गवाही के दौरान पिता और अन्य स्थानीय गवाहों ने माना कि वह करीब 15-16 साल पहले आए थे तब बच्चा 4-5 साल का था।
इस गणित के अनुसार घटना के वक्त पीड़ित की उम्र 18 वर्ष से अधिक (लगभग 19-20 वर्ष) बैठती है। उम्र का पुख्ता प्रमाण न होने के कारण अदालत ने पॉक्सो और जेजे एक्ट के तहत लगे आरोपों को खारिज कर दिया।