नगर परिषद सोलन भर्ती मामले में हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल समेत अन्य 25 लोगों के खिलाफ केस जिला अदालत ने खारिज कर दिए हैं। सोलन के जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेश शर्मा की अदालत ने वीरवार को यह फैसला सुनाया।
विधानसभा अध्यक्ष समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस वापस लेने की अर्जी प्रदेश सरकार की ओर से दायर की गई थी। इसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद स्वीकार कर लिया है।
मामला करीब बीस साल पुराना है, जब डॉ. बिंदल सोलन नगर परिषद के अध्यक्ष थे। उस दौरान 1999 में उन पर और नगर परिषद के अधिकारियों पर भर्तियों में धांधली के आरोप लगे थे। तब से प्रदेश भाजपा लगातार इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताती रही।
इस बीच, 2006 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने डॉ. बिंदल के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। साल 2013 में कांग्रेस सरकार ने अभियोजन चलाने की भी मंजूरी दे दी।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस मामले को राजनीतिक आधार पर दर्ज मानते हुए जयराम सरकार ने इस केस को वापस लेने का फैसला लिया। इसके बाद सरकारी वकील सुनील वासुदेवा ने कोर्ट में केस वापसी की अर्जी दी।
डॉ. बिंदल के अधिवक्ता सुधीर ठाकुर ने बताया कि जिला अदालत ने मामले में नाम वापस लेने की याचिका स्वीकार कर ली है। अब डॉ. राजीव बिंदल और अन्य 25 आरोपियों के खिलाफ यह केस नहीं चलेगा।