देवभूमि की सड़कें अब वक्त से पहले नहीं उखड़ेंगी। इसके लिए सरकार ने अब 20 के बजाय 30 एमएम मोटी टारिंग करने का फैसला लिया है। लोक निर्माण विभाग ने इस बार 4200 किलोमीटर सड़कों पर टारिंग करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से ज्यादातर सड़कों पर 15 सितंबर के बाद टारिंग का काम शुरू हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल में 1700 किलोमीटर ऐसी सड़कें हैं, जिन पर नए सिरे से टारिंग होनी है। 2500 किलोमीटर सड़कों पर पहले भी टारिंग हुई है, लेकिन इनके उखड़ने के बाद दोबारा से अब टारिंग की जानी है। इस बरसात में हिमाचल में लोक निर्माण विभाग को 600 करोड़ के करीब का नुकसान हुआ है जो पहले के मुकाबले कम है।
प्रदेश में 36 हजार किलोमीटर सड़कें
हिमाचल में 36 हजार किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें 20 फीसदी ऐसी सड़कें हैं, जहां तीन साल बाद टारिंग करनी पड़ती है। सरकार का मानना है कि टारिंग की मोटाई बढ़ाई जाने से सड़कें ज्यादा समय तक टिक सकती हैं।
हिमाचल में सभी चीफ इंजीनियर, एससी, एक्सईएन को सड़कों पर 30 एमएम टारिंग करने के निर्देश दिए हैं। मोटाई बढ़ाई जाने से बार बार टारिंग करने से छुटकारा मिल सकेगा। मौसम साफ होने पर 15 सितंबर के बाद हिमाचल की सड़कों पर टारिंग की जाएगी।
- आरके वर्मा, इंजीनियर इन चीफ लोक निर्माण