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टेक्सटाइल इंजीनियर नहीं बनना चाहते प्रदेश के युवा

Fri, 26 Aug 2016 11:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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प्रदेश के युवाओं में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की तरफ रुझान नहीं है। सूबे से बाहर के युवाओं का इस विभाग में क्रेज बढ़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर की लंबी काउंसलिंग प्रक्रिया और स्पॉट एडमिशन राउंड के बावजूद इस बार टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की 12 सीटें खाली रह गई हैं। प्रदेश से बाहर जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब तथा चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों से एक दर्जन से अधिक विद्यार्थियों ने हिमाचल आकर टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया है।
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प्रदेश के युवाओं के टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में कम रुझान की एक वजह सरकारी क्षेत्र में नौकरी उपलब्ध न होना भी बताया जा रहा है। साथ ही युवा पीढ़ी हिमाचल में रहकर ही नौकरी पाना चाहती है। प्रदेश के युवा सूबे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। अन्य राज्यों के युवाओं की मानसिकता ऐसी नहीं है। देशभर के कपड़ा उद्योग में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की भारी मांग है।

गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की नामी कपड़ा उद्योग एवं कंपनियां टेक्सटाइल इंजीनियरों को मनचाहा वेतन समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रही हैं, लेकिन हिमाचल में सरकारी नौकरी को एकमात्र पसंद माना जाता है। इसके चलते जवाहर लाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सुंदरनगर में स्वीकृत टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की 60 सीटों में से 12 सीटें अभी तक खाली हैं।
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जवाहर लाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सुंदरनगर में स्वीकृत टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की 60 सीटों में से 12 सीटें अभी तक खाली हैं। प्रदेश से बाहर के 15 बच्चों ने इस कॉलेज में दाखिला लिया है। - डॉ. एनएन शर्मा, डीन अकादमिक, हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी
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