नवीं से जमा दो कक्षा वाले 500 सरकारी स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा के तहत नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को टेलरिंग, ब्यूटिशियन, प्लंबिंग और मल्टी स्किल का प्रशिक्षण मिलेगा। इन वैकल्पिक विषयों के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगा।
छह जून को प्रस्तावित पीएबी की बैठक में भी हिमाचल सरकार के अधिकारी इस मामले को उठाएंगे। विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में रिटेल, हेल्थ और कृषि सहित कई अन्य वोकेशनल कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं।
हजारों विद्यार्थियों ने इन कोर्सों के तहत दाखिला लिया है। इसी कड़ी में प्रदेश के करीब 500 अन्य स्कूलों को भी वोकेशनल शिक्षा के दायरे में लाया जा रहा है। इन स्कूलों में नए कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव बनाने की तैयारी की जा रही है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने बताया है कि नए कोर्स शुरू होने से हजारों विद्यार्थी विशेषकर छात्राएं लाभान्वित होंगी। इन वैकल्पिक विषयों को शुरू करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
नर्सरी और केजी खोलने का भी भेजेंगे प्रस्ताव
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। प्रस्ताव के तहत प्रदेश में स्थित 3500 आंगनबाड़ी केंद्रों में नर्सरी-केजी की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा जिन स्कूलों में एसएमसी की ओर से नर्सरी-केजी की कक्षाएं चलाई जा रही हैं, उन्हें भी शामिल किया जाएगा।