कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने समरहिल चौक पर दो छात्र गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष को लेकर एसएफआई की ओर से उन पर लगाए सभी आरोपों को निराधार बताया है। कुलपति ने कहा कि छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई हिंसा से उनका कोई लेना देना नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कई बार सद्भावना पूर्वक प्रयास करने के बावजूद भी छात्र संगठनों से संबंधित कार्यकर्ता
आपस में हिंसात्मक गतिविधियां करते हैं, इससे विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होती है। उन्होंने कहा है कि छात्रों को छात्र को गरिमा में रहकर ही अध्ययन का कार्य करना चाहिए। छात्र संगठनों से विश्वविद्यालय में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए सकारात्मक रुख रखने की भी अपील की।
कुलपति ने कहा है कि परिसर में एसएफ आई और एबीवीपी के छात्रों के बीच हुए हिंसात्मक संघर्ष पर वे चिंतित हैं। वामपंथी अपने छात्र संगठन एसएफ आई को हिंसात्मक गतिविधियां फैलाने के लिए प्रेरित करते हैं, सीपीएम तथा सीटू से संबंधित लोग रात को अनाधिकृत रुप से छात्रावासों में आकर हिंसा फैलाने की योजनाओं को अंजाम देते हैं।
एचपीयू में छात्रों के संपर्क में रहें अभिभावक: वीसी
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. एडीएन वाजपेयी ने एसएफआई और एबीवीपी के बीच हुई हिंसक घंटना पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों से विवि में शैक्षणिक माहौल बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने अभिभावकों से कहा है कि वे अपने बच्चों के संपर्क में रहें और सुनिश्चित करें कि उनका बच्चा
कि सी असामाजिक गतिविधियों में शामिल न हों। वीसी ने छात्रों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि में शामिल न हों, परिसर में उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश की ओर से अंजना चौहान बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार से संबंधित प्रकरण में दिए आदेशों का किसी सूरत में उल्लंघन न करें।
एचपीयू में एसएफआई का प्रदर्शन
एसएफआई ने अपने दो कार्यकर्ताओं पर किए गए हमले के विरोध में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में आर्ट्स ब्लॉक से लेकर परिसर से होते हुए पुस्तकालय के बाहर तक रैली निकाली। यहां कार्यकर्ताओं ने इस घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी की और विवि कुलपति तथा एबीवीपी पर जबरन परिसर में हिंसा का मा हौल बनाकर माहौल खराब करने की साजिश करने का आरोप लगाया।
छात्र नेता विक्रम कायथ, इकाई अध्यक्ष नोवल ठाकुर और सचिव विपिन ने कहा कि इसी साजिश के तहत शनिवार को समरहिल चौक पर एसएफआई के दो कार्यकर्ताओं पर एबीवीवी के कार्यकर्ताओं ने कातिलाना हमला किया, इसमें दोनों कार्यकर्ताओं के सिर पर हथियार से हमला कर लहूलुहान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कुलपति की एबीवीपी के साथ जबरन माहौल खराब कर, परिसर में 96 दिनों मूलभूत मांगों को लेकर चले आ रहे आंदोलन को दबाने की साजिश है।
एबीवीपी ने भी किया हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन
एबीवीपी की विवि इकाई ने अध्यक्ष गौरव अत्री और सचिव अंकित जमवाल सहित प्रांत मंत्री आशिष सिक्टा की अगुवाई में सोमवार को परिसर में रैली निकाल कर एचपीयू में हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन किया। एबीवीपी नेताओं ने एसएफआई, सीटू और सीपीआईएम पर गुंडागर्दी करने के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
छात्र नेताओं ने एसएफआई पर परिसर का माहौल खराब करने के आरोप लगाए और कहा कि एसएफआई वामपंथी विचारधारा के इशारे पर कार्य कर परिसर में दहशत का माहौल बना रही है। उन्होंने नगर निगम उप महापौर टिकेंद्र सिंह पंवर पर आरोप लगाया कि वे शिमला की जनता को गुमराह करने के साथ ही एचपीयू में आकर एसएफआई को ट्यूशन पढ़ा रहे हैं। उन्हीं की वजह से परिसर तथा छात्रावासों में पूरी पूरी रात पुलिस को रखना पड़ रहा है।
नेताओं ने टिकेंद्र पंवर को चेतावनी दी कि वे बेवजह एचपीयू के मामलों में दखल न करें, अन्यथा एबीवीपी उनके खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेगी। संवैधानिक पद पर बने रह कर उनका हिंसा के लिए छात्रों को उकसाना ठीक नहीं है। प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा ने कहा कि शिक्षा
के लिए प्रदेश भर में उपयुक्त माहौल बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल रहे छात्र संगठन नेताओं में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य चेतन गुलेरिया, हेमा, प्रीति, संगठन मंत्री कौल नेगी, नवनीत कौशल, प्रशांत कश्यप, सन्नी शुक्ला, रेशमा, आस्था, घनश्याम, नित्यानंद, नरेश, सुयंश पवार, अक्षय, मनोज, साहिल, पूजा शामिल हुए।
कॉलेजों में भी किया गया प्रदर्शन
संजौली कॉलेज में प्रदर्शन करते एसएफआई छात्र।
एसएफआई की कॉलेज इकाइयों ने समरहिल चौक पर शनिवार को हुई हिंसा की घटना के विरोध में सोमवार को जिले भर के कॉलेजों में धरना प्रदर्शन किया। आरकेएमवी के बाहर हुए धरना प्रदर्शन में इकाई अध्यक्ष ज्योति गर्ग और सचिव हिमांशु चौहान ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश है, ताकि विवि में चल रहा एसएफआई का आंदोलन बंद किया जा सके।
कोटशेरा कॉलेज इकाई ने भी कॉलेज मुख्य गेट के बाहर कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन और नारेबाजी कर समरहिल में हुई घटना की शब्दों में निंदा की। इकाई अध्यक्ष हिमांशु बरसांटा और सचिव रितेश सेन ने आरोप लगाया कि कुलपति के इशारे पर एबीवीवी के गुंडातत्व हिंसा कर रहे हैं। एसएफआई की जिला कमेटी ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को लेकर 96 दिन से चल रहें आंदोलन
को कुचलने की साजिश के हित समरहिल में एसएफआई कार्यकर्ताओं पर कातिलाना हमला किया गया है। जिला अध्यक्ष दिनित देंटा और सचिव पवन शर्मा ने कहा कि इस हमले में दो एसएफआई कार्यकर्ताओं के सिर पर गहरी चोटें आई हैं। पुलिस एबीवीपी के इस
हमले में शामिल कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार तक नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इस हमले के विरोध में सोमावार को जिला भर के रामपुर, सावड़ा, नेरवा, सुन्नी, आनी, सीमा कॉलेज सहित इवनिंग कॉलेज में भी प्रदर्शन किया गया।