हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने वार्षिक परीक्षाओं में नकल करते पकड़े गए डेढ़ दर्जन छात्रों को निलंबित कर दिया है। 10 विद्यार्थियों को एक सेमेस्टर, जबकि 8 को दो-दो सेमेस्टर के लिए निलंबित किया गया है। जबकि 67 विद्यार्थियों के पेपर कैंसिल कर दिए गए हैं। महज छह विद्यार्थियों को नकल के गंभीर आरोप नहीं पाए जाने पर छोड़ दिया गया।
यूनिवर्सिटी ने नकल के सहारे डिग्री हासिल करने के गलत अरमान पालने वाले विद्यार्थियों पर सख्त कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी की परीक्षा अनुशासन कमेटी ने नकल करने वाले छात्रों को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया था। लेकिन छात्रों के जवाब से कमेटी संतुष्ट नहीं हुई। यूनिवर्सिटी ने जून माह में वार्षिक परीक्षाओं का संचालन किया था।
इस दौरान 91 विद्यार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया था। नकल करने पर विवि ने इन छात्रों के अनफेयर मिन्स केस (यूएमसी) बनाए थे। इसमें इंजीनियरिंग के सर्वाधिक 80 छात्र, एमबीए के 3 और बी-फार्मेसी के 8 छात्र शामिल हैं। विवि ने नोटिस जारी कर
नकल करने वाले सभी 91 छात्रों को विवि में परीक्षा अनुशासन कमेटी के समक्ष तलब किया। लेकिन हैरानी की बात है कि महज 61 विद्यार्थी कमेटी के समक्ष पेश हुए, जबकि 30 छात्र गैरहाजिर रहे। 29 अगस्त को 16 छात्र, 30 को 24 और 31 अगस्त को 21 छात्रों ने अनुशासन कमेटी के सामने अपना पक्ष रखा।
आठ लोग शामिल हैं अनुशासन कमेटी में
टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने नकल के मामलों पर सुनवाई करने के लिए जो कमेटी गठित की है, उसमें कुल 8 लोग शामिल हैं। इसमें विवि के परीक्षा नियंत्रक, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, मेंबर सेक्रेटरी, दो कॉलेज प्रिंसिपल, दो महिला अधिकारी और एक अधिवक्ता हैं।
टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने वार्षिक परीक्षाओं के दौरान 91 विद्यार्थियों को नकल करते पकड़ा था। वीसी के साथ चर्चा के बाद डेढ़ दर्जन छात्रों को को निलंबित कर दिया है। -प्रो वीपी पटियाल, परीक्षा नियंत्रक