सीएंडवी अध्यापक संघ ने उच्च शिक्षा निदेशक से ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सर्दियों के दौरान दी जाने वाली छुट्टियों में बदलाव करने की मांग की है। शिक्षा निदेशालय को भेजे सुझाव में संघ के प्रदेश अध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा है कि छह जनवरी से 16 जनवरी तक दिए जाने वाले शीतकालीन अवकाश को एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक दिया जाना चाहिए। जनवरी में पढ़ाई का दौर चरमसीमा पर होता है, अगर जनवरी में छुट्टियां होती हैं तो मार्च महीने में वार्षिक परीक्षा
होने के कारण बच्चों की पढ़ाई करने की रफ्तार में रुकावट आ जाती है। ऐसे में इन छुट्टियों में बदलाव करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में बच्चों की सुविधा के मद्देनजर कॉपियां, बैग तथा अन्य सामान खरीदने को 10 दिन का अवकाश अनिवार्य है। संघ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश जो 26 जून से 31 जुलाई तक होता है, उसके स्थान पर प्रतिवर्ष 15 जुलाई से 31 अगस्त तक छुट्टियां देने की सिफारिश की है। संघ का मानना है कि जुलाई और अगस्त में अधिक
बरसात होती है। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जुलाई से 31 अगस्त तक किया जाना चाहिए। त्योहारों के अवकाश को यथावत रखने की संघ ने मांग की है। इसके अलावा स्कूलों की समय सारिणी को सर्दियों के मौसम में सुबह 9 बजे से 3 बजे का समय ही उचित बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है।