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पत्रकारिता से मुंह मोड़ रहे युवा, नहीं भरीं सीटें

Mon, 02 Jul 2018 01:38 PM IST
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
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प्रदेश में पत्रकारिता विषय की पढ़ाई के लिए युवा ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहे हैं। दरअसल जिन शैक्षणिक संस्थानों में हिमाचल विवि के तहत पत्रकारिता विषय संचालित किया जा रहा है। वहां पर निर्धारित सीटें भी नहीं भर रही हैं, जबकि केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में भी पत्रकारिता विषय में हिमाचल की बजाय बाहरी राज्यों के युवाओं की संख्या ज्यादा है। 

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युवाओं का पत्रकारिता के क्षेत्र से घटते रुझान से क्षेत्र में प्रशिक्षित पत्रकारों की कमी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए जारी मेरिट सूची में कुल 28 अभ्यर्थियों में से केवल 11 अभ्यर्थी ही हिमाचल के हैं, जबकि शेष 17 अभ्यर्थी दिल्ली परीक्षा केंद्र से चयनित हुए हैं।

इसके अलावा धर्मशाला महाविद्यालय में रूसा के तहत मेजर विषय के रूप में पहली बार शामिल किए गए पत्रकारिता विषय की कुल 80 सीटों के लिए मात्र 11 आवेदन ही महाविद्यालय को मिले हैं।  
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रीजनल सेंटर में बंद हो चुका है विभाग- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र खनियारा (धर्मशाला) में अभ्यर्थियों की कम संख्या के चलते पहले ही पत्रकारिता विभाग बंद हो चुका है। 2009 में केंद्र में पत्रकारिता विभाग शुरू किया गया था।

इसमें स्नातकोत्तर डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए 20-20 सीटें निर्धारित की गई थीं। लेकिन, साल 2017 तक संचालित विभाग में एक बार भी पूरी सीटें नहीं भर पाईं। वहीं इसके बाद विभाग बंद कर दिया गया। 

प्रदेश में पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार के विकल्प बहुत कम हैं। प्रिंट को छोड़ दिया जाए, तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में रोजगार के अवसर बहुत कम मिल रहे हैं। वहीं जिन संस्थानों में पत्रकारिता पढ़ाया जा रहा है, वहां मीडिया की पढ़ाई का आधारभूत ढांचा भी विकसित नहीं हो पाया है।

इससे संस्थान प्रिंट मीडिया की पढ़ाई तक सीमित हो गए हैं। यही वजह हो सकती है कि हिमाचल में पत्रकारिता के क्षेत्र में युवाओं का रुझान कम हो रहा है। - कुलदीप चंद अग्निहोत्री, कुलपति सीयू एवं वरिष्ठ पत्रकार

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