देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान एनआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के शैक्षणिक सत्र 2017-18 में छात्रों को पहली बार स्पॉट राउंड काउंसलिंग में खाली रह गई सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह फैसला छात्रों की मांग और पिछले साल एनआईटी में डेढ़ हजार से अधिक सीटें खाली रहने के कारण लिया है।
खास बात यह है कि इस काउंसलिंग में छात्रों को खाली सीटों पर भी एक बार दोबारा आवेदन का मौका मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, देशभर के 31 एनआईटी में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में कुल 1518 सीटें खाली रह गई थीं। इसमें से आधी सीट छात्रों के आखिरी मौके पर सीट छोड़ने के कारण हुई थीं।
आईआईटी, आईआईआईटी या अन्य किसी इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान में सीट कन्फर्म होने के चलते आखिरी मौके पर छात्रों द्वारा सीट छोड़ने पर उन सीटों को भरा नहीं जा सका था। वेटिंग लिस्ट (जिन छात्रों को सीट अलॉट नहीं हुई थी) के छात्रों ने इन खाली सीटों पर ओपन काउंसलिंग के लिए मंत्रालय को ई-मेल और पत्र भी भेजे थे।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत 15 अगस्त के बाद काउंसलिंग की समयसीमा पूरी हो चुकी थी। नियमों के चलते मंत्रालय इन खाली सीटों को भरने के लिए छात्रों की मांग के बाद भी ओपन राउंड आयोजित नहीं करवा सका था। अधिकारियों का कहना है कि पिछले सालों में छात्रों के सीट छोड़ने के चलते इस साल पहली बार सीट आवंटन में नए नियम बनाए जाएंगे।
इसके तहत काउंसलिंग विंडो बंद होने से पहले 10 अगस्त के बाद यदि एनआईटी में सीटें खाली रह जाती हैं तो उसे स्पॉट राउंड काउंसलिंग से उसे भरा जाएगा। इसके अलावा सीट भरने तक स्पॉट राउंड काउंसलिंग जारी रहेगी। इसमें जिन छात्रों को सीट नहीं मिली है या फिर कोई कोर्स बदलना चाहता होगा तो आवेदन करते हुए काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे।