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कॉलेजों से सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने की तैयारी शुरू

Fri, 27 Apr 2018 01:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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प्रदेश के कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम समाप्त कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली पर लौटने की तैयारी शुरू हो गई है। रूसा की कमियां दूर करने को गठित कमेटी की शिक्षा निदेशालय शिमला में पहली बैठक हुई। इसमें सीबीसीएस, सेमेस्टर सिस्टम और परीक्षा प्रणाली पर चर्चा हुई।

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हिमाचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सुनील गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा निदेशालय से रूसा का सारा रिकॉर्ड लेकर कमेटी के सदस्यों को सौंपा गया। कमेटी की आगामी बैठक 13 या 14 मई को होना संभावित है। बैठक में रूसा में आए बदलाव, रूसा की नीतियों की पूरी जानकारी जुटाकर आगामी फैसला लिया जाएगा।

भाजपा के चुनाव दृष्टिपत्र में कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम समाप्त करने की घोषणा की गई थी। बीते दिनों सरकार ने सात सदस्यीय कमेटी बनाकर रूसा में व्याप्त कमियों को दूर करने का फैसला लिया है। कमेटी की पहली बैठक उच्च शिक्षा निदेशालय में हुई। सूत्रों ने बताया कि मध्यप्रदेश, दिल्ली के अलावा कुछ अन्य राज्यों में भी सेमेस्टर सिस्टम प्रणाली को समाप्त किया गया है।
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इन राज्यों को आधार बनाकर प्रदेश सरकार सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने की तैयारी में है। समय से परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं होने के चलते सरकार सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त करना चाहती है।

बैठक में कमेटी के सचिव गोपाल संधाईक, सहित तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एसके धीमान, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत कुमार शर्मा, केंद्रीय विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर भाग चंद, बिलासपुर कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर सुरेश सोनी और संजौली कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर रामलाल शर्मा भी मौजूद रहे।

एबीवीपी ने निदेशालय जाकर कमेटी को सौंपा ज्ञापन- एबीवीपी की विश्वविद्यालय इकाई ने प्रांत मंत्री हेमा ठाकुर की अध्यक्षता में शिक्षा निदेशालय पहुंचकर कमेटी को ज्ञापन सौंपा। प्रांत मंत्री हेमा ठाकुर ने कमेटी से सेमेस्टर सिस्टम समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि रूसा के तहत लागू सेमेस्टर प्रणाली और सीबीसीएस प्रणाली ने राज्य में वर्षों से स्थापित शैक्षिक ढांचे को नष्ट करने का कार्य किया है।

इस प्रणाली को समाप्त कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली को दोबारा लागू किया जाए। एबीवीपी ने कमेटी से बीते पांच साल में घोषित किए गए रिजल्ट की जांच करवाने की मांग की। कहा कि अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा।

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