इकाई अध्यक्ष विश्वबंधु शर्मा और सचिव सुयश पवार का कहना है कि यूजी में रूसा लागू होने से अलग अलग विषयों के शिक्षकों की अतिरिक्त आवश्यकता है। इस कमी को दूर करने के लिए ही सरकार ने पद विज्ञापित किए थे।
भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी न होने के कारण इन पदों के लिए आवेदन करने वाले हजारों युवा और कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र परेशान हैं। उन्होंने राज्य लोक सेवा आयोग से जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी कर शिक्षकों की कॉलेजों में तैनाती किए जाने की मांग की है।
इंग्लिश में 51, इतिहास में 31, संस्कृत में 21, कामर्स में 84, अर्थशास्त्र में 22, हिंदी में 52, गणित में 48, राजनीति शास्त्र में 37, फिजिक्स में 40, कैमिस्ट्री में 37, संगीत में 33, वोकल में 28, एजूकेशन में 16, जूलॉजी में 25, शारीरिक शिक्षा में 2, तबला में एक, बॉटनी में 25, ज्योलॉजी में 13, समाज शास्त्र में 5, डांस
में दो, कंप्यूटर में 27, टूअर एंड ट्रेवल मैनेजमेंट में 15, एनवायरनमेंट साइंस में 15, ज्योग्राफी में 1, जेएमसी में दो पद विज्ञापित कर भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगे गए थे। इन में से पांच विषयों के स्क्रीनिंग टेस्ट अब तक हो चुके हैं।
इनमें फि जिक्स, राजनीति शास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी, कामर्स विषय के सहायक आचार्य के पद शामिल हैं। शेष विषयों के विज्ञापित पदों के लिए लिखित परीक्षा होना बाकी है। लोक प्रशासन जैसे कुछ अन्य विषय में छंटनी के बजाय सीधे साक्षात्कार भी हुए हैं।