राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) का फेज वन समाप्त हो गया है। अब देश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को रूसा फेज टू के तहत फंडिंग होगी। इसको लेकर दिल्ली में सचिव उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सभी राज्यों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। रूसा फेज टू के तहत केंद्र सरकार ने नियमों को पहले से सख्त कर दिया है।
अब बजट लेने के लिए राज्यों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। रूसा फेज वन के मुकाबले फेज टू में राज्यों को अधिक फंडिंग होगी। रूसा को लेकर सुधारवादी कदम उठाने वाले राज्यों को अधिक फंडिंग होगी। हिमाचल सरकार रूसा के तहत कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम को खत्म करने की तैयारी में है। रूसा के सरलीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने सात सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है।
अगर प्रदेश सरकार की यह मुहिम सिरे चढ़ गई तो केंद्र सरकार से रूसा फेज टू के तहत मिलने वाला बजट प्रभावित हो सकता है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि च्वाइस बेसड क्रेडिट सिस्टम, सेमेस्टर सिस्टम और फंड ट्रैकर को सही तरह से लागू करने वाले राज्यों को ही बजट देेने में प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि रूसा फेज टू की अवधि साल 2018 से 2020 तक होगी। रूसा वन के मुकाबले इस बार राज्यों को ज्यादा फंडिंग होगी। केंद्र सरकार ने रूसा टू के लिए बजट पहले ही मंजूर कर दिया है। बजट लेने के लिए राज्यों को आपस में प्रतिस्पर्धा करनी होगी। हिमाचल से शिक्षा अरुण कुमार शर्मा बैठक में शामिल हुए।
पांच मई तक ऑनलाइन अपलोड करना होगा प्लान- रूसा टू के तहत सभी राज्यों को पांच मई तक अपने प्लान ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। भारत सरकार ने स्टेट हायर एजूकेशन काउंसिल से प्लान मंजूर कर अपलोड करने को कहा है।
संभावित है कि मई महीने में ही पीएबी की बैठक होगी। इस बैठक में ही सभी राज्यों को दिया जाने वाला बजट मंजूर होगा। प्लान के तहत राज्यों को रूसा के तहत किए जाने वाले कार्यों का ब्यौरा केंद्र सरकार को देना होगा।