कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां के लिए स्वीकृत फार्मेसी कॉलेज में इस सत्र से कक्षाएं शुरू होने पर संशय पैदा हो गया है। फार्मेसी कॉलेज को अभी तक फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से एनओसी नहीं मिल पाई है। वहीं दाखिले की प्रक्रिया खत्म होने को महज एक हफ्ता शेष बचा है।
सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष अहम फैसला सुनाते हुए देशभर के तकनीकी महाविद्यालयों को 15 अगस्त से पूर्व एडमिशन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए थे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई को पूरा समय मिल सके। ऐसे में 15 अगस्त को कुछ ही दिन शेष बचे हैं। लेकिन नगरोटा बगवां में फार्मेसी कक्षाएं शुरू करने की तैयारियां अधर में लटकी हुई हैं।
हालांकि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने गत माह 26 जुलाई को स्पॉट इंस्पेक्शन कर फार्मेसी कालेज में आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया था। लेकिन फार्मेसी कॉलेज में कक्षाएं शुरू करने पर अंतिम मुहर अभी तक नहीं लग पाई है। प्रदेश सरकार ने नगरोटा
बगवां में 60 सीटें भरने को स्वीकृति प्रदान की हुई है। साथ ही प्रिंसिपल एवं डायरेक्टर और प्रोफेसर समेत विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को भरने की मंजूरी भी मिल चुकी है। वर्तमान में राजकीय फार्मेसी कॉलेज प्रदेश में एलोपैथी में फार्मेसी करवाने वाला सरकारी क्षेत्र में एक ही कॉलेज है। अब बस पीसीआई की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने 26 जुलाई को नगरोटा बगवां के फार्मेसी कॉलेज का दौरा किया है। कक्षाएं शुरू करने के लिए एनओसी का इंतजार किया जा रहा है। पीसीआई से हरी झंडी मिलते ही फार्मेसी के दाखिले होंगे। -सुरेश्वर गोयल, निदेशक, तकनीकी शिक्षा विभाग, सुंदरनगर, हिप्र