किसी भी विवि में पीएचडी की पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सिफारिशों को लागू करना अनिवार्य होता है। यूजीसी के नियमों के मुताबिक स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में ही पीएचडी की पढ़ाई करवाई जा सकती है, लेकिन पीजी कॉलेजों में भी कॉलेज प्राध्यापक को लेकर सीटों का बंटवारा किया गया है।
अगर किसी पीजी महाविद्यालय में एक प्रोफेसर है तो वह अपने अधीन केवल 8 विद्यार्थियों को ही पीएचडी करवा सकता है। इसी तरह एसोसिएट प्रोफेसर केवल 6 विद्यार्थियों और असिस्टेंट प्रोफेसर 4 शोधार्थियों से पीएचडी करवा सकता है।
तकनीकी विवि के अधीन यह हैं कॉलेज
प्रदेश तकनीकी विवि के अधीन वैसे तो इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए और एमसीए की पढ़ाई करवाने वाले चार दर्जन से अधिक महाविद्यालय हैं। पीएचडी फार्मेसी, एमबीए और एमटीए में ही करवाई जाएगी। महाविद्यालय के अधीन वर्तमान में एमबीए के 9 महाविद्यालय और 15 फार्मेसी महाविद्यालय चल रहे हैं।