इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों के लिए अच्छी खबर आई है। अब विश्वविद्यालय नए सत्र से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए फीस वापसी की सुविधा देगा।
बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएसडब्ल्यू, बीटीएस तथा बीसीए कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। इससे सूबे के हजारों छात्रों को लाभ होगा।
इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक पूनम सिंह और इग्नू केंद्र पांवटा के समन्वयक नलिन रमौल ने बताया कि यह सुविधा जुलाई 2016 सत्र से शुरू होगी। इसमें सभी प्रकार के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए दिए जाएंगे।
पहले लेंगे फीस, बाद होगी रिफंड
प्रवेश प्रपत्र (एडमिशन फॉर्म) के साथ निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। बाद में इसे विश्वविद्यालय वापस कर देगा। इसके लिए अभ्यर्थी को एक अतिरिक्त प्रपत्र (फॉर्म) भरना होगा। सभी कार्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तारीख बिना विलंब शुल्क 17 अगस्त एवं 300 रुपये विलंब शुल्क के साथ 31 अगस्त है।
पांवटा केंद्र में इनसे करें संपर्क
पांवटा इग्नू अध्ययन केंद्र राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थी इग्नू समन्वयक प्रो. नलिन रमौल, सहायक समन्वयक प्रो. अमिता जोशी, प्रो. रविंदर सिंह, स्टाफ सदस्यों नरेश लांबा, संजय कुमार, महेश कुमार, नूप सिंह और कुमारी अनिला से कॉलेज में संपर्क कर सकते है।
पांवटा केंद्र में शिक्षार्थियों की संख्या 600 पार
इग्नू अध्ययन केंद्र, पांवटा साहिब में शिक्षार्थियों की संख्या 600 के पास पहुंच गई है। केंद्र में बीए, बीएससी, बीकॉम और बीटीएस (बैचलर ऑफ टूरिज्म स्टडीज) कार्यक्रम इंग्लिश, अर्थशास्त्र, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, जेंडर एंड डेवलपमेंट स्टडीज विषय में एमए डिग्री तथा एमकॉम कार्यक्रम उपलब्ध हैं।