सरकारी स्कूलों में नौवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ अब प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई और नीट की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत नवीं और दसवीं के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए नई पहल की गई है।
इसके तहत सरकार के स्वयंसिद्धम पोर्टल पर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्टडी मैटीरियल और क्वेश्चन बैंक दिया जाएगा। स्टूडेंट्स ऑनलाइन भी शिक्षकों से सवाल-जवाब कर सकेंगे। नौवीं और दसवीं कक्षा के दौरान ही विद्यार्थियों को जमा दो कक्षा के बाद होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।
खेल की तरह बनाया जाएगा क्वेश्चन बैंक
स्वयंसिद्धम पोर्टल पर इंजीनियरिंग और मेडिकल क्षेत्र की परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को स्टडी मैटीरियल मुहैया करवाया जाएगा। पांच चरणों का एक क्वेश्चन बैंक तैयार किया जाएगा। क्वेश्चन बैंक को खेल की तरह बनाया गया है।
पहले चरण में 50 फीसदी सवालों के सही जवाब देने के बाद ही दूसरे चरण में विद्यार्थी प्रवेश कर सकेंगे। तर्क दिया गया है कि इससे विद्यार्थियों में अगले चरण में जाने के लिए जिज्ञासा बनेगी। स्वयं सिद्धम पोर्टल से दी जा रही इस विशेष सुविधा को प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों का एक लॉगइन आईडी बनाया जाएगा। इससे विद्यार्थी घर और स्कूल दोनों जगह इसका प्रयोग कर सकेंगे।
उपनिदेशकों को जारी किए आदेश : घनश्याम
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने बताया कि सभी जिला उपनिदेशकों को इस नई योजना से विद्यार्थियों को जोड़ने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिला उपनिदेशक सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्कूलों में आईसीटी लैब में नौवीं और दसवीं के विद्यार्थी स्वयं सिद्धम पोर्टल का इस्तेमाल कर सके।
नौवीं और दसवीं कक्षा से इस व्यवस्था को लागू करने से यह लाभ होगा कि जब विद्यार्थी जमा दो कक्षा में पहुंचेगा तो उसकी नींव मजबूत हो गई होगी। जमा दो के बाद होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को विद्यार्थी आसानी से पास कर सकेगा।