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बीएड में प्रवेश से पूर्व दस निजी कॉलेजों को नोटिस

Sat, 15 Jul 2017 08:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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बीएड कॉलेजों और कोर्स को रेग्यूलेट करने वाली (एनसीटीई) नेशनल काउंसिल फॉर टीचिंग एजूकेशन की वेबसाइट में दी जाने वाले स्टेट वार लिस्ट में से एचपीयू से संबद्ध दस कॉलेजों के नाम गायब हैं।
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इस पर एचपीयू ने लिस्ट से मान्यता प्राप्त कॉलेजों को नोटिस जारी किए हैं। प्रदेश के इन कॉलेजों को 20 जुलाई तक स्थिति साफ करने और एनसीटीई की नॉर्म्स पूरे कर लिस्ट में शामिल करवाने का मौका दिया है। 

विवि के कुलसचिव की ओर से जारी नोटिस में निजी कॉलेज प्रबंधकों से पूछा गया है कि विवि से संबद्ध 73 निजी कॉलेजों में उनके कॉलेजों के नाम क्यों हटाए गए हैं।
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चूंकि विश्वविद्यालय एनसीटीई की इसी राज्यवार ऑनलाइन जारी की जाने वाली लिस्ट के आधार पर ही काउंसलिंग करवाता है, तो विश्वविद्यालय लिस्ट होने तक उनकी काउंसलिंग नहीं करवाएगा।

इन कॉलेजों को 20 जुलाई तक लिस्ट से कॉलेज के नाम हटाने के कारणों का पता लगाकर आवश्यक शर्तें और नियमों को पूरा करने को कहा है, ताकि वे लिस्ट में दोबारा से शामिल हो सकें।

यदि ये निजी कॉलेज ऐसा करने में नाकाम रहे तो कम से कम एचपीयू इन कॉलेजों के लिए नए शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाएगा।

यह इन कॉलेजों के लिए बड़ा झटका होगा, चूंकि उन्हें बीएड कोर्स के लिए छात्र ही नहीं मिलेंगे। अपने स्तर पर ये कॉलेज प्रवेश दे नहीं पाएंगे।   क्योंकि विवि अपने से संबद्ध समस्त निजी बीएड कॉलेजों के लिए सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग आयोजित करता है। प्रवेश लेने वाले छात्र भी एनसीटीई की साइट पर कॉलेजों के नाम प्रदर्शित होने के बाद ही प्रवेश को होने वाली काउंसलिंग में हिस्सा ले। 

एनसीटीई की कॉलेज सूची में आने पर ही होगी काउंसलिंग: कुलसचिव 
विवि के कुलसचिव डा. पंकज ललित ने माना कि एनसीटीई की आनलाइन लिस्ट से हटाए गए दस कॉलेजों को नोटिस देकर 20 जुलाई तक स्थिति साफ करने और अपने कॉलेज को लिस्ट करवाने का मौका दिया है।

वे ऐसा न कर पाए तो विवि उनके लिए काउंसलिंग नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय में एसआईटी की सौंपी गई रिपोर्ट में शर्तें व नियम पूरे न करने वाले डेढ़ दर्जन से अधिक कॉलेजों की काउंसलिंग करवाने पर कानूनी राय ली जा रही है।
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