एचपीयू और प्रदेश के कॉलेजों में सोमवार से अप्रत्यक्ष रूप से एससीए के मनोनयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कॉलेजों में इसे सात सितंबर तक हर हाल में पूरा करना होगा। प्रदेश विवि में अधिष्ठाता अध्ययन ने मेरिट आधार पर एससीए गठन के लिए सभी विभागों को मेरिट आधार पर छात्रों के नाम देने को लेटर जारी कर दिए हैं।
विभागों से दो सितंबर तक विभागवार मेरिट देने को कहा है। इसके बाद अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय में एचपीयू एससीए के लिए मुख्य चारों पदों पर अकादमिक आधार पर मेरिट में रहे छात्रों का चयन किया जाएगा। मनोनयन के लिए बनाए संविधान के मुताबिक छात्र संसद चुनी जाएगी। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. संजीव महाजन ने माना कि सभी विभागों से दो सितंबर तक मेरिट वाले छात्रों की सूची उनके कार्यालय में भेजने को कहा है। कल्चरल, स्पोर्ट्स के साथ अन्य गतिविधियों में अव्वल छात्रों की सूची मांगी गई है।
इन्हीं में से सदस्य तय पदों के मुताबिक चुने जाएंगे। कॉलेजों में भी विवि की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार एससीए के मनोनयन को कहा गया है। हालांकि पिछले दो सालों से प्रत्यक्ष चुनाव की जगह मेरिट पर मनोनयन से चुनी जा रही एससीए गठन को लेकर आम छात्रों में कोई विशेष उत्साह नहीं है। एससीए गठन में मनोनयन प्रक्रिया में छात्रों की कोई भूमिका नहीं है। पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर ही पूरी की जानी है।
एचपीयू में ऐसे होगी एससीए मनोनीत
एचपीयू में अप्रत्यक्ष मेरिट पर गठित होने वाली एससीए में एमफिल, एलएलएम के छात्रों के साथ शोधकर्ताओं का भी प्रतिनिधित्व होता है। पीजी पिछले सेमेस्टर या पिछली परीक्षाओं में टॉपर रहे छात्रों की मेरिट पर छात्र प्रतिनिधि एससीए के लिए चुने जाने हैं। सांस्कृतिक और पाठ्योत्तर गतिविधियों के टॉपर में से दो, खेल के दो टॉपर निदेशक फिजिकल एजूकेशन और युवा कार्यक्रम देंगे,
अकादमिक कोटे में पहले सेमेस्टर से एक टॉपर, तृतीय से एक और पांचवें से भी एक अकादमिक टॉपर एससीए में होगा। इसके अलावा एससीए में एलएलएम, एमफिल, पीएचडी से एक एक। मुख्य पदों पर एक ही फैकल्टी से एक से अधिक पदाधिकारी न हो। तीसरे और पांचवें सेमेस्टर से एकेडमिक टॉपर को एससीए में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पहले सेमेस्टर से सचिव और संयुक्त सचिव मनोनीत किए जाएंगे। इस नई बनने वाली एससीए का कार्यकाल तीस जून 2017 तक रहेगा।