रूसा तीसरे बैच के पहले सेमेस्टर के खराब परीक्षा परिणाम के मामले की छानबीन के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी की शुक्रवार को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में पहली बैठक हुई। तीन घंटे तक चली मीटिंग में कमेटी ने साफ्टवेयर बनाने या परिणाम तैयार करने के स्तर पर किसी तरह की खामी को जांचा, वहीं कॉलेजों और मूल्यांकन केंद्रों से विवि को आनलाइन आए अवार्ड लिस्ट और परिणाम में दिखाए गए अवार्ड का मिलान भी किया।
इसमें फिलहाल ऐसी कोई बड़े स्तर की खामी नहीं पाई गई है, जिससे यूजी के बीए/बीएससी /बीकॉम प्रथम सेमेस्टर का पूरे का पूरा परिणाम प्रभावित हो। डीन सीडीसी प्रो. एसएस चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में मौजूद कमेटी सदस्यों ने परीक्षा शाखा के संबंधित अधिकारियों और कंप्यूटर साफ्टवेयर जानकार की मौजूदगी में मामले पर करीब तीन घंटे तक चरचा की।
पहली बैठक में जिन तथ्यों को खंगाला गया है, उसमें फिलहाल प्रथम सेमेस्टर के हजारों छात्रों के लिए कोई बड़ी राहत वाली खबर हो, ऐसा नहीं लगता है। अब तक 40 हजार में से घोषित करीब 32 हजार छात्रों के परीक्षा परिणाम में छात्र एक या एक से अधिक विषयों में फेल हैं।