एनआईटी को हिमाचल सरकार ने भारत सरकार के साथ मिलकर 7 अगस्त, 1986 में क्षेत्रीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के तौर पर स्थापित किया था। प्रारंभिक चरणों में कक्षाएं बहुतकनीकी महाविद्यालय बड़ू में शुरू हुईं।
वर्ष 1987 में कक्षाओं को 320 एकड़ भूमि पर अणु में आवंटित भवन में शिफ्ट किया गया। 26 जून 2002 को इसका नाम क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज से बदलकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कर दिया गया। 2000 में बीटेक के अलावा आर्किटेक्चर में पढ़ाई शुरू की गई। 2013 में केमिकल इंजीनियरिंग शुरू हुई।
एनआईटी हमीरपुर में तीन नए विभाग शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग, फिजिक्स इंजीनियरिंग और बायोसाइंस एंड बायो इंजीनियरिंग में भी बीटेक की पढ़ाई होगी। सिनेट और बोर्ड ऑफ गवर्निंग में प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
- डॉ. विनोद यादव; निदेशक, एनआईटी हमीरपुर