सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का तरीका बदला जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से ही पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू होगी। महीने के पहले 15 दिन में छात्रों को पढ़ना, लिखना और गणित की बुनियादी क्षमताओं पर ध्यान देकर उसका मूल्यांकन भी करना होगा। इसके बाद शिक्षक छात्रों के पेरेंट्स के साथ बैठक करेंगे। इसमें नवीनतम शिक्षा संबंधी उपलब्धियों को साझा करेंगे।
यही नहीं, शिक्षकों को अन्य विषय की अपेक्षा स्कूलों में हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय पर जोर देना होगा। स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्ट (एसएसए) धनश्याम चंद ने इस बारे में डिप्टी डायरेक्टर और स्कूल प्रधानाचार्य को यह आदेश दिए हैं। आदेशों के मुताबिक सुबह की सभा में छात्रों से पढ़ने और रचनात्मक लेखन की गतिविधियां करानी होंगी।
इसे सभा के ब्लैक बोर्ड में भी डिस्प्ले करना होगा। विभाग ने पहले से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए पहाडे़ दोहराना अनिवार्य किया है। 5 वीं कक्षा तक के छात्रों को 20, चौथी कक्षा के लिए 15, तीसरी कक्षा के लिए 10 और दूसरी कक्षा के छात्रों के लिए 5 तक पहाड़े सीखना और उन्हें बार बार दोहराना होगा। छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए हिंदी, गणित और अंग्रेजी बुनियादी क्षमताओं की बढ़ोतरी पर ध्यान देना होगा।