उनके तलाशे और तराशे सैकड़ों खिलाड़ी राज्य तथा नेशनल स्तर पर कबड्डी में खेल चुके हैं। पैरालाइज अटैक के चलते वे पिछले 3 वर्षों से बिस्तर पर थे, लेकिन कबड्डी के प्रति कभी प्रेम कम नहीं हुआ। शुक्रवार रात को 67 वर्ष की आयु में हीरा सिंह ने अलविदा कह दिया।
प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कुलदीप राणा, सह सचिव ग्यार सिंह नेगी और रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश ने कबड्डी खेल व खिलाड़ियों के रहनुमा हीरा सिंह को हमेशा के लिए खो दिया है।
हीरा सिंह कबड्डी संघ जिला महासचिव रहे। लंबी बीमारी के बाद भी खेल के प्रति लगन कम नहीं हुई। शिलाई में विगत वर्ष राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता आयोजन के दौरान पूरा मार्गदर्शन मिलता रहा।