हिमाचल में रविवार को हजारों युवाओं ने जेईई मेन्स की लिखित परीक्षा दी। इसके लिए राजधानी शिमला और हमीरपुर में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। शिमला में आठ परीक्षा केंद्रों में परीक्षा ली गई। जेईई मेन्स परीक्षा के लिए सीबीएसई की समन्वयक लॉरेट पब्लिक स्कूल भराड़ी की प्रिंसिपल डॉ. मीरा सिंह ने बताया कि रविवार को शिमला के पांच केंद्रों पर एक सत्र में और तीन केंद्रों में दो सत्रों में परीक्षा ली गई।
लॉरेट पब्लिक स्कूल भराड़ी, सेंट एडवर्ड और केंद्रीय विद्यालय जाखू में दो सत्रों में परीक्षा हुई, जबकि चैप्सली, सेंट थॉमस, डीएवी लक्कड़ बाजार, तिब्बतियन स्कूल छोटा शिमला और डीएवी न्यू शिमला में एक सत्र में परीक्षा हुई। पहले सत्र की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे और दूसरे सत्र की परीक्षा दोपहर बाद दो बजे से पांच बजे के मध्य हुई।
परीक्षा के दौरान सीबीएसई के अधिकारियों ने शहर के सभी आठ केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाएं जांची। डॉ. मीरा सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए सीबीएसई की ओर से निर्धारित सभी मापदंडों का अनुपालन किया गया है। परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों को पेन तक ले जाने की अनुमति नहीं थी। परीक्षा केंद्रों में ही छात्रों को पेन उपलब्ध करवाए गए।
इसके अलावा परीक्षा की वीडियोग्राफी भी की गई। जेईई मेन्स परीक्षा के लिए हमीरपुर जिले में करीब 14 सेंटर बनाए गए थे। सुबह के सत्र में 11 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा ली गई। यहां छह हजार में से 5700 युवाओं ने परीक्षा दी। वहीं, शाम के सत्र में तीन परीक्षा केंद्रों पर 875 में से 740 युवा परीक्षा देने पहुंचे। प्रबंध निदेशक संदीप कंवर ने कहा कि परीक्षा में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने भाग लिया है।