प्रदेश के 12 सरकारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों और 28 निजी संस्थानों से 2015-17 बैच में डीएलएड कर रहे साढ़े तीन हजार से अधिक प्रशिक्षुओं में हड़कंप है। विभाग ने नोटिफिकेशन बदलकर नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) के नियमों को ताक पर रख जेबीटी का पुराना सिलेबस ही पढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इस बैच के प्रशिक्षुओं में शंका है कि विभाग उन्हें डीएलएड के रूप में मान्यता देगा अथवा जेबीटी ही माना जाएगा। प्रशिक्षुओं का कहना है कि यदि उन्हें एनसीटीई के अनुसार सिलेबस नहीं पढ़ाया गया तो उनका भविष्य दांव पर लगा सकता है। हालांकि, विभाग का कहना है कि इस बैच में जेबीटी का पुराना सिलेबस पढ़ाने के बावजूद डीएलएड ही माना जाएगा। इस बैच को अगले वर्ष भी पुराना ही सिलेबस पढ़ाया जाएगा।
विभाग ने सात मार्च को अधिसूचना जारी कर इस बैच को एनसीटीई के तहत नया सिलेबस पढ़ाने के निर्देश दिए थे। 15 मार्च को एक बार फिर नोटिफिकेशन जारी कर पुराना जेबीटी का सिलेबस पढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए। विभाग ने नया सिलेबस सिर्फ 2016-18 बैच के प्रशिक्षुओं को पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने कहा कि 2015-17 डीएलएड बैच को पुराना सिलेबस पढ़ाया जाएगा। इन्हें डीएलएड डिप्लोमा ही दिया जाएगा।