केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर प्रदेश में कुछ निजी विश्वविद्यालय गड़बड़ी कर रहे हैं। पात्र विद्यार्थियों के नाम पर छात्रवृत्ति का पैसा डकारने के कुछ मामले सामने आए हैं। जनप्रतिनिधियों ने निजी विश्वविद्यालयों की इस गड़बड़ी को उजागर किया है। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने मामले पर जांच बैठा दी है।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक कुछ निजी विश्वविद्यालय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति को स्वयं ले रहे हैं। विद्यार्थियों को प्रवेश देते समय ही इन छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन किया जा रहा है।
छात्रवृत्ति राशि बैंक खाते में आते ही निजी संस्थान इस पैसे को विद्यार्थियों के माध्यम से निकलवा कर स्वयं ले रहे हैं। विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश न देने की धमकी देते हुए इस तरह के कारनामे किए जा रहे हैं।
जो विद्यार्थी बीच सत्र में संस्थान छोड़ देते हैं, उनकी छात्रवृत्ति भी बाद में ये संस्थान लेते रहते हैं। कुछ जनप्रतिनिधियों ने इस तरह के मामलों की शिक्षा सचिव से शिकायत की है। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने कहा है कि शिकायतों के आधार पर जांच बैठा दी गई है। दोषी संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।