केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने के लिए शिक्षण संस्थानों को नेशनल पोर्टल पर पंजीकरण करवाने का बुधवार को आखिरी दिन है। 20 नवंबर के बाद शिक्षण संस्थान नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवा सकेंगे। पंजीकरण नहीं करवाने वाले संस्थानों के विद्यार्थियों को वजीफा नहीं मिलेगा।
शिक्षण संस्थानों का पंजीकरण करवाने पर ही आवेदनों की वेरिफिकेशन को मंजूरी मिल पाती है। हिमाचल ने इस साल से एचपी ई पास पोर्टल को बंद कर नेशनल पोर्टल के माध्यम से ही छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की व्यवस्था शुरू की है। सभी शिक्षण संस्थानों को नेशनल पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया था। 15 अक्तूबर तक करीब दस हजार संस्थानों ने पंजीकरण नहीं करवाया था।
भारत सरकार ने कई राज्यों के आग्रह पर 20 नवंबर तक पंजीकरण करवाने की आखिरी मोहलत दी है। नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के बाद ही छात्रवृत्ति के आवेदनों की वेरिफिकेशन की मंजूरी मिलती है। वेरिफिकेशन होने के बाद छात्रवृत्ति देने की प्रक्रिया शुरू होती है। शिक्षा निदेशालय ने सभी संस्थानों को नेशनल पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के लिए कई बार नोटिस जारी किए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय के पास 18186 शिक्षण संस्थान विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं को प्राप्त करने के लिए पंजीकृत हैं। निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक करीब 95 फीसदी संस्थानों ने पंजीकरण करवा लिया है। उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि पंजीकरण नहीं करवाने वाले संस्थानों से जवाबतलबी की जाएगी।