भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के विशेषज्ञ बिना पर्यावरण से छेड़छाड़ किए बिजली तैयार करने की सरकार की योजना को पूरा करेंगे। आईआईटी में ईको फ्रेंडली स्माल हाइड्रो प्रोजेक्ट रायसन का मॉडल तैयार किया जाएगा। व्यास, रावी और पब्बर नदियों पर 22 ईको फ्रेंडली स्माल हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
राज्य बिजली बोर्ड ने ईको फ्रेंडली तकनीक के पायलट प्रोजेक्ट रायसन का मॉडल तैयार करने की आईआईटी मंडी प्रबंधन से पेशकश की थी। आईआईटी प्रबंधन ने बोर्ड को मॉडल तैयार करने को फंड उपलब्ध करवाने की शर्त पर हामी भर दी है। इससे जल्द प्रदेश के
पर्यावरण से छेड़छाड़ किए बिना बिजली उत्पादन करने वाला देश का पहला राज्य बनने की उम्मीद है। विद्युत बोर्ड ने नवीन एवं नवीनीकरण मंत्रालय भारत सरकार (एमएनआरई) को ईको फ्रेंडली स्माल हाइड्रो प्रोजेक्ट रायसन का मॉडल के लिए फंड जारी करने को प्रस्ताव भेजा है।
आईआईटी में बनेगा प्रोजेक्ट का हूबहू मॉडल
देश में ईको फ्रेंडली तकनीक से पहली बार बिजली तैयार की जा रही है। नदियों के बीच प्राकृतिक रूप से बने भू-खंडों में सुरक्षित प्रोजेक्ट तैयार करना अपने आप में एक चुनौती है।
विद्युत बोर्ड ने ईको फ्रेंडली प्रोजेक्टों के पायलट प्रोजेक्ट का हूबहू फिजिकल मॉडल आईआईटी में तैयार करने का निर्णय लिया है। मॉडल में नदियों के बने प्राकृतिक भू-खंडों जैसी परिस्थितियां तैयार की जाएंगी। मॉडल पर नदी में बाढ़ तथा अन्य आपदाओं का परीक्षण भी किया जाएगा।
कहां कितने मेगावाट का प्रोजेक्ट
आईआईटी मंडी
व्यास नदी पर कलाथ में 15,15 मील-1 में 11, 15 मील-2 में 10, कटराईं-1 में 21, कटराईं-2 में 13, रायसन-1 में 18, रायसन-2 में 22, रायसन-3 में 16, वावेली में 10, ढालपुर में 10, बजौरा-1 में 15, बजौरा-2 में 10 मेगावाट के प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। मंडी टाउन से संधोल तक चार, चंबा में रावी नदी पर तीन और रोहडू वैली की पब्बर नदी पर तीन ईको फ्रेंडली प्रोजेक्ट लगाने की योजना है।
आईआईटी मंडी के निदेशक ने ईको फ्रेंडली प्रोजेक्टों के मॉडल तैयार करने को विशेषज्ञ मदद देने के सहमति जताई है। आईआईटी में प्रोजेक्ट का मॉडल तैयार किया जाएगा। इसके लिए फंड उपलब्ध करवाने को नवीन एवं नवीनीकरण मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। -पवन कुमार कोहली निदेशक (सिविल) राज्य बिजली बोर्ड