आईआईटी मंडी के 11 प्रशिक्षु इंजीनियर गूगल के लिए सॉफ्टवेयर बनाएंगे। समर ऑफ कोड प्रोग्राम में छात्रों का चयन किया गया है। प्रोजेक्ट को तीन महीने में पूरा करना होगा। हर प्रशिक्षु को 1.68 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इस उपलब्धि के साथ ही आईआईटी मंडी ग्लोबल प्रोग्राम में दसवें स्थान पर पहुंच गया है।
गूगल समर ऑफ कोड प्रोग्राम के चयन की प्रक्रिया में विद्यार्थियों को अपने प्रस्ताव ऑनलाइन देने होते हैं। 108 देशों के 13,000 से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। आईआईटी मंडी के 11 विद्यार्थियों का चयन हुआ है।
ये विद्यार्थी करेंगे प्रोजेक्ट पर काम- साहिल अरोड़ा चतुर्थ वर्ष, अभिजीत शर्मा तृतीय वर्ष, आकाश शर्मा तृतीय वर्ष, अक्ष गौतम, सागर गुप्ता तृतीय वर्ष, साहिल यादव तृतीय वर्ष, स्वपनिल शर्मा तृतीय वर्ष, अभिज्ञान खौंद द्वितीय वर्ष, चिराग वशिष्ठ द्वितीय वर्ष, लक्ष्य अरोड़ा द्वितीय वर्ष, प्रियांशु खंडेलवाल द्वितीय वर्ष शामिल हैं।
ओपन सोर्स संस्था के साथ कार्य करेंगे प्रशिक्षु- स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डॉ. आरती कश्यप ने बताया कि जीएसओसी जैसे मंच पर आईआईटी मंडी का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।
विद्यार्थी मई और अगस्त के बीच तीन महीने के प्रोग्रामिंग प्रोजेक्ट पर किसी संस्था के साथ काम करते हैं। विद्यार्थियों को रियल-वर्ल्ड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का अनुभव और तकनीकियां सीखने का अवसर मिलता है।