फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार ने मांगपत्र पर निर्णय न लिया तो विधानसभा में प्रदर्शन करेंगे, महासंघ ने दिया अल्टीमेटम

Wed, 04 Dec 2019 10:16 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी कि 11 दिसंबर से पहले 56 सूत्रीय मांगपत्र पर कोई निर्णय नहीं लिया तो तपोवन में विस शीत सत्र के दौरान 12 दिसंबर को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। नगरोटा बगवां में भारतीय मजदूर संघ के साथ संयुक्त बैठक में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एनआर ठाकुर ने कहा कि संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक उनकी मांगों का मुख्य हिस्सा है।

विज्ञापन


उन्होंने रोष जताया कि 4 माह पूर्व सौंपे गए मांग पत्र पर कोई सकारात्मक पहल न करना सरकार की कर्मचारियों के प्रति सोच का परिचायक है। सरकार के 5 वर्ष के कार्यकाल में केवल एक बार संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हुई। कर्मचारियों की समस्याओं के निपटारे को हर 6 महीने में बैठक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को पिछले 2 वर्ष के कार्यकाल में मान्यता न देना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।

आरोप लगाया कि पूर्व कर्मचारी नेता मुख्यमंत्री को गुमराह एवं भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। आशा वर्कर मात्र 1200 प्रति माह मानदेय में अपना तथा परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। मांग की कि आशा वर्कर को जब तक सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक उन्हें 28 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। उन्होंने प्रदेश में सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करने की मांग भी उठाई।
विज्ञापन


कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली एवं पे कमीशन रिपोर्ट को लागू करने के साथ अन्य कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें समय रहते पूरा किया जाना चाहिए। बैठक में भामसं के प्रदेश उपाध्यक्ष मदन राणा, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष जसमेर राणा, राज्य विद्युत परिषद तकनीकी कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण कॉप्टा, आशा कार्यकर्ता संघ जिला कांगड़ा की अध्यक्ष सरला राणा, महासचिव शशि लता तथा अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें