अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी कि 11 दिसंबर से पहले 56 सूत्रीय मांगपत्र पर कोई निर्णय नहीं लिया तो तपोवन में विस शीत सत्र के दौरान 12 दिसंबर को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। नगरोटा बगवां में भारतीय मजदूर संघ के साथ संयुक्त बैठक में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एनआर ठाकुर ने कहा कि संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक उनकी मांगों का मुख्य हिस्सा है।
उन्होंने रोष जताया कि 4 माह पूर्व सौंपे गए मांग पत्र पर कोई सकारात्मक पहल न करना सरकार की कर्मचारियों के प्रति सोच का परिचायक है। सरकार के 5 वर्ष के कार्यकाल में केवल एक बार संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हुई। कर्मचारियों की समस्याओं के निपटारे को हर 6 महीने में बैठक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को पिछले 2 वर्ष के कार्यकाल में मान्यता न देना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
आरोप लगाया कि पूर्व कर्मचारी नेता मुख्यमंत्री को गुमराह एवं भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। आशा वर्कर मात्र 1200 प्रति माह मानदेय में अपना तथा परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। मांग की कि आशा वर्कर को जब तक सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक उन्हें 28 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। उन्होंने प्रदेश में सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करने की मांग भी उठाई।
कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली एवं पे कमीशन रिपोर्ट को लागू करने के साथ अन्य कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें समय रहते पूरा किया जाना चाहिए। बैठक में भामसं के प्रदेश उपाध्यक्ष मदन राणा, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष जसमेर राणा, राज्य विद्युत परिषद तकनीकी कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण कॉप्टा, आशा कार्यकर्ता संघ जिला कांगड़ा की अध्यक्ष सरला राणा, महासचिव शशि लता तथा अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।