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पीजी परीक्षा 12 दिन बाद, विद्यार्थियों के पास पठन सामग्री नहीं

Thu, 14 Nov 2019 05:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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ICDEOL
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इक्डोल से पीजी कोर्स की परीक्षाएं शुरू होने में दो हफ्ते से भी कम समय बचा है, लेकिन विद्यार्थियों को अभी तक पठन सामग्री घर तक नहीं पहुंच सकी है। बताया जा रहा है कि इक्डोल ने इस बार पठन सामग्री देर से छपवाई है। इस कारण ये अभी तक विद्यार्थियों को नहीं मिल सकी है। परीक्षा तक सामग्री मिलेगी या नहीं, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। इक्डोल प्रबंधन ने देरी के लिए ठीकरा डाक विभाग के सिर फोड़ दिया है। प्रबंधन ने तर्क दिया है कि सामग्री भेज दी गई है, इसको विद्यार्थी तक पहुंचाना विभाग का काम है। 

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हजारों छात्र और छात्राओं की 27 नवंबर से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। अब अगर सामग्री मिल भी गई तो इतने कम समय में विद्यार्थी तैयारी कैसे कर सकेंगे। इधर, यूजी के छात्र और छात्राओं का लेसन प्लान स्टडी मैटीरियल भी अब तक नहीं मिल सका है। रोजाना छात्र इक्डोल के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर रहे हैं। इन्हें इक्डोल की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इक्डोल में वर्तमान में करीब दस से बारह हजार छात्र और छात्राएं पीजी और यूजी कोर्स में पंजीकृत हैं और इनमें 27 नवंबर से पीजी की परीक्षाओं में भी बैठेंगे। हजारों की फीस चुकाने के बावजूद उन्हें पढ़ने की सामग्री समय से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। 

समय से भेज दिया है स्टडी मैटीरियल : प्रो. कुलवंत
इक्डोल के निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया का कहना है कि स्टडी मैटीरियल घर तक पहुंचाने का काम डाक विभाग पर निर्भर करता है। हर छात्र के पार्सल बनाकर डाक विभाग को समय से सौंप दिए गए थे, मगर छात्रों के रोजाना इक्डोल में आ रहे फोन से साफ है कि अभी तक सामग्री उन तक नहीं पहुंची है। पीजी के छात्र अधिक परेशान है, जिनकी 27 नवंबर से परीक्षाएं शुरू होनी है। उन तक सामग्री नहीं पहुंचेगी तो वो कैसे परीक्षा की तैयारी कर पाएंगे। उन्होंने का कि निदेशक डाक सेवाएं से भी उन्होंने डाक पहुंचाने में हो रही देरी का मामला उठाया है। 
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इक्डोल के यूजी और पीजी कोर्स में वर्तमान में हजारों विद्यार्थी पंजीकृत हैं। समय से सामग्री न मिल पाने के कारण प्रदेश भर के छात्र और छात्राओं को अपने स्तर पर ही पढ़ने के लिए सामग्री जुटानी पड़ती है। संबंधित शाखा से मिली जानकारी के मुताबिक रोजाना छात्र फोन कर स्टडी मैटीरियल के बारे जानकारी लेने और उसके बारे में पूछताछ करने के लिए फोन कर रहे हैं। संबंधित शाखा का दावा है उनकी ओर से पूरी सामग्री छात्रों को भेज दी गई है। निदेशक भी मान रहे हैं कि ई टेंडरिंग की वजह से कुछ कोर्स की सामग्री ही देरी से पहुंची है। यह भी एक माह पूर्व भेज दी गई थी।

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