इक्डोल ने ऑनलाइन व्यवस्था का सही तरीके से इस्तेमाल कर बीएड धारकों की डिग्री नहीं लटकने दी है। केंद्र ने बीएड प्रशिक्षुओं की टीचिंग प्रेक्टिस प्रैक्टिकल ऑनलाइन ही करवा दी है। यह वह वक्त था जब प्रदेश सरकार ने सरकारी संस्थानों को कोरोना के चलते बंद कर दिया था। बीएड धारकों की टीचिंग प्रेक्टिस प्रैक्टिकल अगर समय पर नहीं होते तो उनकी डिग्री लटक सकती थी, लेकिन इक्डोल ने ऑनलाइन प्रैक्टिकल करवाकर बीएड धारकों को राहत प्रदान की है। अब विवि खुलते ही इन बीएड धारकों का परीक्षा परिणाम भी घोषित हो जाएगा।
इक्डोल ने बीएड कोर्स के दूसरे वर्ष के 450 बीएड प्रशिक्षुओं के लिए ऑनलाइन टीचिंग प्रेक्टिस की व्यवस्था तीन लर्निंग रिसोर्स सेंटर एचपीयू, रीजनल सेंटर धर्मशाला और एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर में की थी। प्रशिक्षुओं के 20-20 के बैच बनाकर 25 अप्रैल से 4 मई तक ऑनलाइन टीचिंग प्रेक्टिस करवाई। इसमें हर प्रशिक्षु को रोजाना दो-दो तैयार किए गए पाठों को 5 से 9 मिनट में पढ़ाने का मौका दिया गया। इक्डोल के बीएड इंचार्ज प्रो. कुलदीप कटोच ने बताया कि टीचिंग प्रेक्टिस 25 अप्रैल से 4 मई तक चली। ऑनलाइन प्रैक्टिकल में एक्सपर्ट ने प्रशिक्षुओं को सुधार के सुझाव भी दिए और उनकी खामियां गिनाईं।
समय पर मिल जाएगी बीएड डिग्री : पठानिया
इक्डोल के निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया ने कहा कि कोरोना से बने विपरीत हालात के बावजूद बीएड प्रशिक्षुओं के दस मई से पहले ही टीचिंग प्रेक्टिस के प्रैक्टिकल करवा दिए हैं। परीक्षा करवाकर अवार्ड उपलब्ध करवा दिए हैं। इसी माह विवि खुलते ही उनके परिणाम घोषित हो जाएंगे और दो साल की डिग्री पूरी हो जाएगी।