न्यायालय के आदेशों और यूजीसी से मांगे गए दिशा निर्देश आने के बाद अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कामधेनु अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) नए सत्र में अपने नोएडा स्थित स्टडी सेंटर सहित अन्य राज्यों में स्टडी सेंटर नहीं चलाएगा। अन्य राज्यों में परीक्षा केंद्र भी स्थापित नहीं करेगा।
इसके विकल्प के रूप में इक्डोल प्रशासन अब हिमाचल के सीमांत जिलों के डिग्री कॉलेजों में इक्डोल से स्टडी सेंटर और परीक्षा केंद्र स्थापित कर सेवाओं में सुधार करेगा। इससे पड़ोसी राज्यों के छात्रों को घर के नजदीक दूरवर्ती मोड से पढ़ाई की सुविधा नसीब होगी।
बाहरी राज्यों में इक्डोल के स्टडी सेंटर बंद होने से वहां के नए प्रवेश लेने वाले और पहले से कोर्स करने वाले छात्रों को पर्सनल कांटेक्ट प्रोग्राम (पीसीपी) लगाने से लेकर परीक्षाएं और प्रेक्टिकल देने के लिए हिमाचल ही आना पड़ेगा। यूजीसी को लिखे पत्र के जवाब में साफ है कि एचपीयू इक्डोल बाहरी राज्यों में अपनी किसी भी शैक्षणिक गतिविधि को आयोजित नहीं कर सकता है।
इन दिशा निर्देशों पर अमल करने के बाद अब नोएडा में इक्डोल में अपने करोड़ों की लागत से छात्रों की सुविधा को बनाए स्टडी सेंटर तक में कक्षाएं या परीक्षाएं नहीं होंगी। वर्तमान में इक्डोल से पढ़ाई करने वाले करीब 15000 छात्रों में से जो भी बाहरी राज्यों से हैं, उन्हें हिमाचल में शुरू किए जाने वाले या पहले से चल रहे स्टडी सेंटर में आकर ही पीसीपी लगाने पड़ेंगे और परीक्षाएं देनी होगी।
न्यायालय के सभी विश्वविद्यालयों को सिर्फ अपने राज्य की सीमा के भीतर ही स्टडी सेंटर चलाए जाने और बाहरी राज्यों के सेंटरों को बंद किए जाने के आदेशों पर इक्डोल प्रशासन नए सत्र से पूरी तरह से अमल करेगा। हालांकि इक्डोल प्रशासन ने पिछले सत्र में भी इसे आंशिक रूप से लागू कर दिया था।
सीमांत जिलों में चलाए जाएंगे स्टडी सेंटर : वैद्य
एचपीयू इक्डोल निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार वैद्य ने माना कि यूजीसी से मिले जवाब के बाद अब नोएडा सहित चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में पूर्व में स्थापित किए जाने वाले सभी स्टडी सेंटर और परीक्षा केंद्र बंद होंगे। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के छात्रों की सुविधा और उन्हें आकर्षित करने को हिमाचल के सीमांत जिलों के सरकारी कॉलेजों में स्टडी सेंटर स्थापित कर बेहतरीन सुविधाएं देने का प्रयास किया जाएगा।
पहले से पढ़ रहे छात्रों को होगी परेशानी
दिल्ली नोएडा और चंडीगढ़ जैसे शहरों में सालों से चल रहे स्टडी सेंटर को देख पहले से प्रवेश लेकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को पीसीपी लगाने और परीक्षाएं देने को अब एचपीयू आना पड़ेगा। इस कारण उन्हें परेशानी होगी।